4 दिसंबर से गुजरात में सपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे अखिलेश यादव

सपा कार्यकर्ता और पदाधिकार एकजुट होकर लड़ें निकाय चुनाव: अखिलेश यादव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में औंधे मुंह गिरने के बाद समाजवादी पार्टी ने ​गुजरात के विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की है। गुजरात में समाजवादी पार्टी ने पांच प्रत्याशी उतारे हैं, जिनके प्रचार के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव चार दिवसीय गुजरात दौरे पर जाएंगे। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बुधवार को बताया है अखिलेश यादव 4 से 7 दिसम्बर तक गुजरात में प्रवास पर रहेंगे। गुजरात की 05 विधानसभा सीटों पर वह पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में जन सभाएं करेंगे।

चौधरी के मुताबिक अखिलेश यादव अपना प्रचार अभियान गुजरात की जामनगर सीट से 04 दिसम्बर को शुरू करेंगे। पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अखिलेश यादव गुजरात में सांप्रदायिक और विघटनकारी राजनीति के विरूद्ध धर्म निरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों को बल देने के लिए गुजरात की जनता से अपील करेंगे। वह गुजरात की जनता से संवाद में भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकारों की जनविरोधी नीतियों का पर्दाफाश करेंगे और बताएंगे कि भाजपा किसान, नौजवान, अल्पसंख्यक और विकास विरोधी है। इसने उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार की सभी जनहित की योजनाओं को बंद कर दिया है।

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पार्टी अध्यक्ष की ओर से कहा गया है कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गुजरात में अपना स्टार प्रचारक बनाया है। सीएम योगी उत्तर प्रदेश का काम-काज छोड़कर जनता को गुमराह करने गुजरात पहुंच गए है। वह गुजरात की जनता को बताएंगे कि उत्तर प्रदेश में भाजपा ने जनता से किए गए चुनावी वादों में एक भी वादा पूरा नहीं किया है। भाजपा सरकार समाजवादी सरकार की योजनाओं को ही अपना बता रही है, लेकिन जनता सब जानती है। भाजपा नेताओं की लाख कोशिशों के बाद भी भाजपा के वादों और नारों से वह भ्रमित होने वाली नहीं है।

अखिलेश यादव ने कहा है कि गुजराज की जनता को इस बात से भी सतर्क रहना होगा कि भाजपा समाजवादी पार्टी पर तो परिवार वाद का झूठा आरोप लगाती है लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति की बेटी के स्वागत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हाथ बांधे पलकपांवड़े बिछाते दिखाई देते हैं। यह विरोधाभास की अजीब स्थिति है।

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समाजवादी पार्टी का मानना है कि बिना लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और समाजवादी व्यवस्था को सशक्त किए भारत का भला होने वाला नहीं है। भाजपा की नीतियां सामाजिक ताना-बाना को छिन्न विच्छिन्न करने वाली और राष्ट्रीय, संघीय ढांचे को कमजोर करने वाली हैं। अखिलेश यादव लगातार जाति-धर्म से ऊपर जनकल्याणकारी नीतियों के पक्षधर रहे हैं और उन्होंने उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार में बिना किसी भेदभाव या बदले की भावना के समाज के सभी वर्गों के हित में काम किए हैं। अखिलेश यादव की बेदाग छवि और लोकप्रियता के कायल सभी लोग हैं।

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