अगर रास्ते अलग हैं तो स्वागत है, हम भी उपचुनाव में सभी सीटों पर लड़ेंगे : अखिलेश यादव

akhilesh yadav
अगर रास्ते अलग हैं तो स्वागत है, हम भी उपचुनाव में सभी सीटों पर लड़ेंगे : अखिलेश यादव

लखनऊ। लोकसभा चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए साथ आए सपा—बसपा की राहें अब अलग हो गयी हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज सुबह इसका संकेत दे दिया। उन्होंने उपचुनाव में सभी सीटों पर बसपा के उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही अखिलेश को कई नसीहत भी दिया।

Akhilesh Yadavs Announcement Will Be Contested By All The Seats Of By Election :

मायावती ने कहा कि अगर अखिलेश नहीं बदलते हैं तो अकेले ही चलना बेहतर होगा। मायावती के इस संकेत के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी इसका जवाब दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर रास्ते अलग हो गए हैं तो उसका स्वागत है। उन्होंने कहा कि हम भी उपचुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

बता दें कि यूपी में चुनाव से पहले मोदी के मैजिक को ध्वस्त करने के इरादे से सपा और बसपा ने पुराने बैर को भुलाते हुए बड़ा सियासी दांव चला था लेकिन नतीजों में यह कदम कारगर साबित नहीं हुआ। इस पर मायावती गठबंधन से नुकसान का हवाला देते ही सपा पर हमलावार हो गईं। इसके साथ ही विधानसभा के उपचुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला कर दिया।

लोकसभा चुनाव में बसपा जीरों से 10 लोकसभा सीटों पर पहुंच गई है जबकि बसपा के साथ लड़ने से अखिलेश को बड़ा नुकसान हुआ है। पिछली बार परिवार से 5 सीटें जीतने वाले अखिलेश फिर से 5 ही सीटों पर ही अटक गए हैं लेकिन इस बार उनकी पत्नी डिंपल यादव समेत परिवार के 2 अन्य नेता भी चुनाव हार चुके हैं।

लखनऊ। लोकसभा चुनाव में बीजेपी को रोकने के लिए साथ आए सपा—बसपा की राहें अब अलग हो गयी हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज सुबह इसका संकेत दे दिया। उन्होंने उपचुनाव में सभी सीटों पर बसपा के उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही अखिलेश को कई नसीहत भी दिया। मायावती ने कहा कि अगर अखिलेश नहीं बदलते हैं तो अकेले ही चलना बेहतर होगा। मायावती के इस संकेत के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी इसका जवाब दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर रास्ते अलग हो गए हैं तो उसका स्वागत है। उन्होंने कहा कि हम भी उपचुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। बता दें कि यूपी में चुनाव से पहले मोदी के मैजिक को ध्वस्त करने के इरादे से सपा और बसपा ने पुराने बैर को भुलाते हुए बड़ा सियासी दांव चला था लेकिन नतीजों में यह कदम कारगर साबित नहीं हुआ। इस पर मायावती गठबंधन से नुकसान का हवाला देते ही सपा पर हमलावार हो गईं। इसके साथ ही विधानसभा के उपचुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला कर दिया। लोकसभा चुनाव में बसपा जीरों से 10 लोकसभा सीटों पर पहुंच गई है जबकि बसपा के साथ लड़ने से अखिलेश को बड़ा नुकसान हुआ है। पिछली बार परिवार से 5 सीटें जीतने वाले अखिलेश फिर से 5 ही सीटों पर ही अटक गए हैं लेकिन इस बार उनकी पत्नी डिंपल यादव समेत परिवार के 2 अन्य नेता भी चुनाव हार चुके हैं।