सीएम योगी ने दिए लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की जांच और यशभारती अर्वाड्स की समीक्षा के आदेश

लखनऊ। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण के​ लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा बांटने में हुए घोटाले की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी अादित्यनाथ ने शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही अखिलेश सरकार के दौरान प्रदेश की जानीमानी हस्तियों को दिए जाने वाले यश भारती अवार्डस की समीक्षा करवाने के आदेश भी जारी किए हैं।




मिली जानकारी के मुताबिक, योगी ​आदित्यनाथ ने 10 जिलों के जिलाधिकारियों को लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे प्रोजेक्ट के तहत मुआवजा पाने वालों की जांच के आदेश जारी किए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अखिलेश यादव के इस ड्रीम प्रोजेक्ट में मुआवजा बांटने को लेकर बड़े स्तर पर घालमेल हुआ है। अखिलेश यादव और उनके परिवार के करीबी लोगों को गलत नियत से लाभ पहुंचाने के लिए खेती वाली जमीनों के भूउपयोग को रातों रात बदलकर मुआवजे को तीन से चार गुना कर दिया गया।

आगरा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज समेंत कई जिलों में समाजवादी पार्टी के नेताओं से लेकर मुलायम ​कुनबे के करीबियों और उनके रिश्तेदारों को करोड़ों रुपया मुआवजे के रूप में बांट दिया गया। अब इसकी जांच जिलाधिकारियों को सौंपी गई है। जिलाधिकारियों को बताना होगा कि किस जिले में कितनी जमीन अधिग्रहित की गई। कितनी जमीन कृषि योग्य थी और कितनी जमीन आवासीय या व्यावसायिक प्रयोग वाली।




वहीं दूसरी ओर खबर है प्रतिष्ठित माने जाने वाले यश भारती सम्मान से से जुड़ी जिसकी समीक्षा कारवाई जाएगी। यह सम्मान यूपी से जुड़े ऐसे लोगों को दिया जाता है जिन्होंने कला, खेल, विज्ञान, शिक्षा, पत्रकारिता, समाजसेवा या किसी विशेष क्षेत्र में एक विशेष मुकाम हासिल किया हो। इन अवार्ड के लिए चयनित किए गए लोगों के नामों को लेकर लंबे समय से विवाद खड़े होते रहे हैं। अगर 2016 की ही बात करें तो अवार्ड पाने वालों की पृष्ठ भूमि पर कई तरह के सवाल उठ चुके हैं। जिस वजह से अखिलेश सरकार पर जाति और धर्म के आधार पर यश भारती अवार्डस देने के आरोप लगे थे।