1 लाख 76 हजार करोड़ के 2जी घोटाले में सभी आरोपी बरी, सीबीआई को बताया फेल

A-Raja-Kanimozhi
1 लाख 76 हजार करोड़ के 2जी घोटाले में सभी आरोपी बरी, सीबीआई को बताया फेल

All 25 Accused Of 2g Scam Acquitted By Cbi Special Court Of Delhi

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में सामने आए 1 लाख 76 हजार करोड़ के 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले में पटियाला हाउस कोर्ट की सीबीआई विशेष अदालत गुरुवार को फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए तत्कालीन दूरसंचार मंत्री और डीएमके सांसद ए राजा और डीएमके की राज्यसभा सांसद कनीमोझी लंबे समय तक जेल में रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि अदालत ने माना है कि जांच एजेंसी इस घोटाले में कोई ऐसे सुबूत पेश नहीं कर सकी जिसके आधार पर किसी आरोपी को दोषी करार दिया जा सके।

मिली जानकारी के मुताबिक अदालत ने इस घोटाले से जुड़े सभी तीन अलग अलग मामलों में दोषी बने सभी 25 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। अदालत ने माना है कि सीबीआई 2 जी स्पैक्ट्रम घोटाले में किसी भी प्रकार के आरोप साबित नहीं कर पाई है।

वहीं एक अन्य मामले में जांच कर रही ईडी भी स्पैक्ट्रम आवंटन पाने वाली कंपनियों द्वारा स्पैक्ट्रम को मोटे लाभ लेकर दूसरी कंपनियों को बेंचे जाने के मामले में भी आरोपियों को बरी कर दिया है।

कौन कौन थे आरोपी—

सीबीआई ने इस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा के अलावा डीएमके के राज्यसभा सांसद कनिमोई, पूर्व टेलीकॉम सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, ए. राजा के तत्कालीन निजी सचिव आरके चंदौलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा, विनोद गोयनका, यूनिटेक कंपनी के एमडी संजय चंद्रा, कुशेगांव फ्रूटस एंड वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड के आसिफ बलवा व राजीव अग्रवाल, कलाईगनार टीवी के निदेशक शरद कुमार और सिनेयुग फिल्म्स के करीम मोरानी के अलावा रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी गौतम जोशी, सुरेंद्र पिपारा, हरि नैयर आरोपी हैं. इसके अलावा तीन कंपनियों स्वान टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडू) को भी आरोपी बनाया था।

क्या था मामला —

2 जी घोटाले में सीबीआई ने अप्रैल 2011 में सीबीआई कोर्ट ने समक्ष दो अलग अलग मामलों में 25 लोगों को आरोपियों बनाते हुए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम से लेकर आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी, फर्जीवाडा, फर्जी कागजात बनाने, पद का दुरुपयोग, सरकारी दुराचरण आदि के आरोप पत्र दाखिल किए थे। सीबीआई ने कहा था कि ‘2जी स्पेक्ट्रम से जुड़े 122 लाइसेंस गलत तरीके से आवंटित किए गए, जिससे सरकारी खजाने को 30,984 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा।’ सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2012 में सभी लाइसेंस रद्द कर दिए थे।

सीबीआई की ओर सभी आरोपियों के खिलाफ 4400 पेजों की चार्जशीट दाखिल की और 154 लोगों को गवाह बनाया था।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में सामने आए 1 लाख 76 हजार करोड़ के 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले में पटियाला हाउस कोर्ट की सीबीआई विशेष अदालत गुरुवार को फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए तत्कालीन दूरसंचार मंत्री और डीएमके सांसद ए राजा और डीएमके की राज्यसभा सांसद कनीमोझी लंबे समय तक जेल में रह चुके हैं। बताया जा रहा है कि अदालत ने माना है कि…