झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए सभी 79 विधायकों ने मतदान किया

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रांची. झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए यहाँ विधानसभा भवन में शुक्रवार को सभी 79 विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया। परिणाम आज ही घोषित किए जाने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार सुबह 9.00 बजे से शाम चार बजे तक मतदान का हुआ और इस दौरान सभी 79 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इक्यासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में फिलहाल 79 सदस्य हैं क्योंकि दो सीटें रिक्त हैं।

All 79 Mlas Voted For The Two Rajya Sabha Seats In Jharkhand :

सूत्रों के अनुसार सबसे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के भूषण तिर्की ने अपना मत डाला जबकि सबसे अंत में भाजपा के विद्रोही निर्दलीय सरयू राय ने अपना मतदान किया। झारखंड राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव मैदान में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन के अलावा मुख्य विपक्षी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश एवं कांग्रेस के शहजादा अनवर उम्मीदवार हैं।

राज्य की दोनों सीटें निर्दलीय परिमल नाथवानी एवं राष्ट्रीय जनता दल के प्रेमचंद्र गुप्ता के कार्यकाल पूरा होने से रिक्त हुई है। भाजपा के सभी 26 विधायकों ने तय रणनीति के अनुरूप एक साथ विधानसभा परिसर पहुंच कर मतदान किया। इसके तुरत बाद भाजपा की गठबंधन सहयोगी आज्सू के प्रमुख सुदेश महतो तथा उनके दूसरे विधायक लंबोदर महतो विधानसभा पहुंचे और उन्होंने अपना मतदान किया।

इस बीच निर्दलीय अमित यादव ने भी मतदान करने के बाद बताया कि उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया है। दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा पहुंच कर अपना मतदान किया। दोपहर बाद मतदान में एक बार फिर तेजी आयी जब झारखंड मुक्ति मोर्चा के शेष विधायकों और कांग्रेस विधायकों ने अधिसंख्या में अपने मतदान किये। सबसे अंत में मतदान करने पहुंचे भाजपा के विद्रोही रहे सरयू राय नेअपना मत डालने के बाद कहा कि उन्होंने अपने वादे के अनुरूप ही भाजपा के दीपक प्रकाश के पक्ष में मतदान किया है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘वास्तव में झामुमो और भाजपा के प्रत्याशियों के अलावा तीसरे म्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारना उचित नहीं था।” राय ने कहा कि कांग्रेस को अपने उम्मीदवार को जिताने की कहीं से कोई भावना नहीं थी लेकिन फिर भी उसने अपना उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारा जो ‘‘फिजूल” था। झारखंड विधानसभा में इस समय दो सीटें खाली हैं लिहाजा 79 सदस्यीय सदन में किसी भी उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए कम से कम 27 मतों की आवश्यकता होगी। विधानसभा में अभी मुख्य सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के 29 विधायक हैं जबकि मुख्य विपक्षी भाजपा के कुल 26 विधायक हैं।

पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में 136 लोगों की मौत, मृतक संख्या 3,229 हुई

रांची. झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए यहाँ विधानसभा भवन में शुक्रवार को सभी 79 विधायकों ने मतदान में हिस्सा लिया। परिणाम आज ही घोषित किए जाने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय सूत्रों के अनुसार सुबह 9.00 बजे से शाम चार बजे तक मतदान का हुआ और इस दौरान सभी 79 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इक्यासी सदस्यीय झारखंड विधानसभा में फिलहाल 79 सदस्य हैं क्योंकि दो सीटें रिक्त हैं। सूत्रों के अनुसार सबसे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के भूषण तिर्की ने अपना मत डाला जबकि सबसे अंत में भाजपा के विद्रोही निर्दलीय सरयू राय ने अपना मतदान किया। झारखंड राज्य की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव मैदान में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन के अलावा मुख्य विपक्षी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश एवं कांग्रेस के शहजादा अनवर उम्मीदवार हैं। राज्य की दोनों सीटें निर्दलीय परिमल नाथवानी एवं राष्ट्रीय जनता दल के प्रेमचंद्र गुप्ता के कार्यकाल पूरा होने से रिक्त हुई है। भाजपा के सभी 26 विधायकों ने तय रणनीति के अनुरूप एक साथ विधानसभा परिसर पहुंच कर मतदान किया। इसके तुरत बाद भाजपा की गठबंधन सहयोगी आज्सू के प्रमुख सुदेश महतो तथा उनके दूसरे विधायक लंबोदर महतो विधानसभा पहुंचे और उन्होंने अपना मतदान किया। इस बीच निर्दलीय अमित यादव ने भी मतदान करने के बाद बताया कि उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया है। दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा पहुंच कर अपना मतदान किया। दोपहर बाद मतदान में एक बार फिर तेजी आयी जब झारखंड मुक्ति मोर्चा के शेष विधायकों और कांग्रेस विधायकों ने अधिसंख्या में अपने मतदान किये। सबसे अंत में मतदान करने पहुंचे भाजपा के विद्रोही रहे सरयू राय नेअपना मत डालने के बाद कहा कि उन्होंने अपने वादे के अनुरूप ही भाजपा के दीपक प्रकाश के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘‘वास्तव में झामुमो और भाजपा के प्रत्याशियों के अलावा तीसरे म्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारना उचित नहीं था।” राय ने कहा कि कांग्रेस को अपने उम्मीदवार को जिताने की कहीं से कोई भावना नहीं थी लेकिन फिर भी उसने अपना उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारा जो ‘‘फिजूल” था। झारखंड विधानसभा में इस समय दो सीटें खाली हैं लिहाजा 79 सदस्यीय सदन में किसी भी उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए कम से कम 27 मतों की आवश्यकता होगी। विधानसभा में अभी मुख्य सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा के 29 विधायक हैं जबकि मुख्य विपक्षी भाजपा के कुल 26 विधायक हैं। पाकिस्तान में पिछले 24 घंटे में 136 लोगों की मौत, मृतक संख्या 3,229 हुई