योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला, LDA समेत सभी प्राधिकरणों का होगा ऑडिट

लखनऊ| भ्रष्टाचार के अलख में डूबे सूबे के सभी विकास प्राधिकरणों की जांच होगी| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला लिया गया| सभी प्राधिकरणों का पिछले 15 साल का ऑडिट किया जायेगा| इससे पहले बीते सोमवार को प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के कैग से जांच के आदेश दिए थे| गाजियाबाद विकास प्राधिकरण समेत यूपी के सारे विकास प्राधिकरणों में भ्रष्टाचार व्याप्त है| या यूं कहिए कि सभी विकास प्राधिकरण दलालों का अड्डा बन गए हैं| यहां खुलेआम घूस ली जाती है और यदि आपने घूस दे दी तो आपका महीनों में होने वाला काम महज कुछ घंटों में हो जाएगा| इसी के चलते यहां अफसरों को तो छोड़िये, बाबू तक करोड़पति हो गए हैं| इन विकास प्राधिकरणों में भ्रष्टाचार इस कदर पांव पसार चुका है कि इसकी शह पर एक छोटा सा जूनियर इंजीनियर इतना सशक्त हो चुका है कि उसकी शिकायत मंत्री तक से की जाती है, फिर भी इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाई नहीं होती|




बात अगर केवल लखनऊ विकास प्राधिकरण की की जाए तो यहां ही कई बाबुओं ने करोड़ों की संपत्ति बना ली है| कहने को तो ये एलडीए में मात्र कुछ हजार तनख्वाह पाते हैं लेकिन इनकी संपत्ति जानकार बड़े-बड़े धनकुबेरों को भी पसीना आ जाए| यहां के रिश्वतखोर बाबू बाबू काली कमाई का बड़ा हिस्सा जमीन में लगा रहे हैं| इतना ही नहीं इन्ही बाबुओं, अधिकारियों की मदद से भूमाफिया अवैध प्लाटिंग का खेल भी कर रहे हैं| इसके लिए पहले खेती की जमीन को किसानों से कम दामों पर खरीद लेते हैं| इसके बाद उसे अधिकारियों की मदद से धारा-143 के अंतर्गत आबादी में परिवर्तित करवा लेते हैं| आबादी घोषित होते ही उस जमीन की कीमत बढ़ जाती| इसके बाद उस पर प्लाटिंग करके लोगों को ज्यादा दामों में बेचा जाता है| इसमें बराबर का हिस्सा एलडीए के बाबुओं और अधिकारियों का भी रहता है| ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट भी कहती है कि भारत में जमीन के सौदों में हर साल 70 करोड़ डॉलर की रिश्वत ली-दी जाती है|




आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी चुनाव से पहले गाजियाबाद में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सूबे के सभी विकास प्राधिकरणों की जांच कराने की बात कही थी| उन्होंने कहा था कि घोटालों पर प्रदेश सरकार जवाब नहीं देती| 2019 के लोकसभा चुनाव में हम हर चीज का हिसाब सामने से देंगे| अपने भाषण के दौरान मोदी ने कहा कि राज्यपाल ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की जांच को लेकर प्रदेश सरकार को कई पत्र लिखे| कैग की जांच कराने से प्रदेश सरकार ने मना कर दिया| प्रदेश सरकार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की कैग से ऑडिट नहीं कराना चाहती| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार बनने के बाद गाजियाबाद सहित प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों में कानून पास कर ऑडिट कराया जाएगा|