मुकदमा दर्ज होते ही छुट्टी पर गए अपर आबकारी आयुक्त, सुस्त पड़ी विभागीय सुनवाई

allahabad-exise
मुकदमा दर्ज होते ही छुट्टी पर गए अपर आबकारी आयुक्त, सुस्त पड़ी विभागीय सुनवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में आबकारी ऑफिसर्स कालोनी में लाखों रुपयों की अवैध नकदी मिलने के बाद बीते छह अगस्त को अपर आबकारी आयुक्त अविनाश मनी त्रिपाठी पर मुकदमा दर्ज किया गया था, उसी के ठीक एक दिन बाद अविनाश मणि लंबी छुट्टी पर चले गए। अपर आबकारी आयुक्त के छुट्टी पर जाने के बाद से उनकी कोर्ट में विभागीय मुकदमों की सुनवाई बंद हो गयी है, जिसके चलते विभिन्न जिलों से आने वाले आवंटियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। कुछ मुकदमों का निस्तारण अपर आबकारी आयुक्त (प्रशासन) की कोर्ट के माध्यम से हो रहा है लेकिन इस कोर्ट में भी पहले से मुकदमे लंबित हैं जिससे सुनवाई समय से नहीं हो पा रही है।

Allahabad 20 Lakhs Stolen Case Registered Against Additional Excise Commissioner :

बता दें कि बीते छह अगस्त को 22 लाख रुपए की चोरी मामले में अपर आबकारी आयुक्त (लाइसेंसिंग) अविनाश मणि के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिसमें उनके खिलाफ 22 लाख रुपए चोरी करने का आरोप लगा है। चोरी का 20 लाख रुपया सह आरोपी प्लंबर के आबकारी कॉलोनी में स्थित आवास से बरामद किया गया, जिसे कुकर में छिपाकर रखा गया था। एफआइआर दर्ज होने के दूसरे दिन से ही अपर आयुक्त लाइसेंस लंबी छुट्टी पर चले गए। उनके कार्यालय में जरूरी फाइलें निस्तारित न होने से प्रदेश भर के फुटकर व थोक दुकानदारों के व्यवसाय पर विपरीत असर पड़ने लगा है, जबकि कई आवश्यक दस्तावेज उन दूसरे अफसरों के पास पहुंचाए जा रहे हैं जो उसके निस्तारण के लिए सक्षम अधिकारी नहीं हैं।

हालांकि संयुक्त आबकारी आयुक्त ईआइबी जंग बहादुर सिंह का दावा है कि मामलों के निस्तारण में कोई बाधा नहीं है, क्योंकि अपर आबकारी आयुक्त लाइसेंस के अवकाश पर होने के कारण उनकी कोर्ट से संबंधित मामले अपर आबकारी आयुक्त प्रशासन से निस्तारित हो रहे हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में आबकारी ऑफिसर्स कालोनी में लाखों रुपयों की अवैध नकदी मिलने के बाद बीते छह अगस्त को अपर आबकारी आयुक्त अविनाश मनी त्रिपाठी पर मुकदमा दर्ज किया गया था, उसी के ठीक एक दिन बाद अविनाश मणि लंबी छुट्टी पर चले गए। अपर आबकारी आयुक्त के छुट्टी पर जाने के बाद से उनकी कोर्ट में विभागीय मुकदमों की सुनवाई बंद हो गयी है, जिसके चलते विभिन्न जिलों से आने वाले आवंटियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। कुछ मुकदमों का निस्तारण अपर आबकारी आयुक्त (प्रशासन) की कोर्ट के माध्यम से हो रहा है लेकिन इस कोर्ट में भी पहले से मुकदमे लंबित हैं जिससे सुनवाई समय से नहीं हो पा रही है।बता दें कि बीते छह अगस्त को 22 लाख रुपए की चोरी मामले में अपर आबकारी आयुक्त (लाइसेंसिंग) अविनाश मणि के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिसमें उनके खिलाफ 22 लाख रुपए चोरी करने का आरोप लगा है। चोरी का 20 लाख रुपया सह आरोपी प्लंबर के आबकारी कॉलोनी में स्थित आवास से बरामद किया गया, जिसे कुकर में छिपाकर रखा गया था। एफआइआर दर्ज होने के दूसरे दिन से ही अपर आयुक्त लाइसेंस लंबी छुट्टी पर चले गए। उनके कार्यालय में जरूरी फाइलें निस्तारित न होने से प्रदेश भर के फुटकर व थोक दुकानदारों के व्यवसाय पर विपरीत असर पड़ने लगा है, जबकि कई आवश्यक दस्तावेज उन दूसरे अफसरों के पास पहुंचाए जा रहे हैं जो उसके निस्तारण के लिए सक्षम अधिकारी नहीं हैं।हालांकि संयुक्त आबकारी आयुक्त ईआइबी जंग बहादुर सिंह का दावा है कि मामलों के निस्तारण में कोई बाधा नहीं है, क्योंकि अपर आबकारी आयुक्त लाइसेंस के अवकाश पर होने के कारण उनकी कोर्ट से संबंधित मामले अपर आबकारी आयुक्त प्रशासन से निस्तारित हो रहे हैं।