सारा हत्याकांड में अमनमणि त्रिपाठी को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दी सशर्त जमानत

इलाहाबाद: सारा हत्याकांड के आरोप में डासना जेल में बंद नेता अमनमणि त्रिपाठी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमनमणि त्रिपाठी को अपनी पत्नी के हत्या के मामले में जमानत दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमनमणि की सशर्त जमानत मंजूर की है।




अमनमणि पर पत्नी सारा की हत्या करने और सबूत मिटाने के आरोप में सीबीआई ने फरवरी में गिरफ्तार किया था। अमनमणि ने चुनाव से पहले जमानत याचिका दी थी लेकिन हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। अमनमणि ने पत्नी की हत्या को हादसा बताया था। अमनमणि ने दावा किया था कि दिल्ली जाते वक्त रास्ते में उसकी कार हादसे का शिकार हो गई जिसमें पत्नी सारा की मौत हो गई। हालांकि सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि अमनमणि ने खुद पत्नी का गला दबाकर हत्या की और फिर लाश को गाड़ी में रखकर हादसा दिखाने की कोशिश की।

मालूम हो कि अमन मणि त्रिपाठी 9 जुलाई 2014 को अपनी पत्नी सारा के साथ डिजायर कार द्वारा लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। फिरोजाबाद के सिरसागंज थाना क्षेत्र में अमन मणि त्रिपाठी की डिजायर कार एक बच्चे को बचाने में दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। उस समय अमन मणि त्रिपाठी ने मीडिया को बताया था कि कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अपनी पत्नी को फिरोजाबाद जिला अस्पताल ले गये, जहां उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने सारा का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें मृत्यु का कारण अत्यधिक चोट लगना बताया गया। पुलिस ने इस मामले में दुर्घटना का मुकदमा दर्ज करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली थी।




दुर्घटना के चार दिन बाद सारा त्रिपाठी की मां सीमा सिंह ने फिरोजाबाद जाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया और फिर जिला अस्पताल जाकर लोगों से पूछताछ की। उन्होंने मीडिया को बताया कि सारा की मौत दुर्घटना से नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की गयी है। लेकिन पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा नहीं दर्ज किया।

सीमा सिंह ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की। लेकिन पुलिस ने एक न सुनी। थक हारकर सीमा सिंह ने सीएम अखिलेश यादव से मिलकर सीबीआई जांच की मांग की, जिस पर उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच का आदेश दे दिया।



सारा की मां सीमा सिंह ने सीबीआई द्वारा अमन मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार किये जाने के बाद खुलकर प्रतिक्रिया दी। सीमा सिंह ने कहा कि हमको सीबीआई से ही न्याय की उम्मीद थी। अमन मणि ने तो फिरोजाबाद के डाक्टरों को मैनेज करके पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही बदलवा दी। उन्होने कहा कि वह सीबीआई को सैल्यूट करती हैं। उन्हें सीबीआई के कारण ही न्याय मिला है।