HC का योगी सरकार से सवाल- किस आधार पर निजी कंपनी को सरकारी जमीन पट्टे पर दी गयी

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि किस कानून के तहत सरकार किसी प्राईवेट कंपनी को सरकारी जमीन पट्टे पर दे सकती है। इस मामले में कोर्ट ने 17 जुलाई को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरूण टंडन तथा न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खण्डपीठ ने बुलंदशहर के नत्थीमल की जनहित याचिका पर दिया है।

याचिका में कहा गया है, साल 2009 में बुलंदशहर के नगर पालिका परिषद अनूपशहर ने जयप्रकाश सेवा संस्थान को 40 हजार रूपये प्रतिवर्ष किराये पर 40 एकड़ जमीन 90 साल के लिए पट्टे पर दी। जबकि 2009 में जमीन का सर्किल रेट 76 लाख प्रति एकड़ था। सरकार ने बिना किसी कानून के प्राइवेट कंपनी को बहुत कम किराये पर जमीन पट्टे पर दी है। ऐसा करने का सरकार को अधिकार नहीं है।

{ यह भी पढ़ें:- बिल्डरों की मनमानी पर सख्त हुई योगी सरकार, फ्लैट ना देने पर होगी गिरफ्तारी }

Loading...