इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हॉस्टल खाली करने के लिए बवाल, उग्र छात्रों ने बस में लगाई आग

लखनऊ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने जमकर बवाल मचाया जिसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ा। बवाल तब शुरू हुआ जब शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेशानुसार पुलिस विश्वविद्यालय का हॉस्टल खाली करवाने के लिए पहुंची थी। पहले छात्र पुलिस से भिड़ गये, धीरे-धीरे मामला इतना बढ़ गया कि छात्रों ने गाड़ियों और बसों में आग लगा दी। उग्र छात्रों को काबू करने के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पूरे शहर में विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा मचाए गए बवाल का प्रभाव पड़ा। आसपास के इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात पैदा हो गए। फिलहाल पुलिस हालात को काबू करने के प्रयास में जुटी हुई है।




कैसे शुरू हुआ विवाद

छात्रों और पुलिस में हॉस्टल को खाली करने के लिए विवाद शुरू हुआ। विश्वविद्यालय का तर्क है कि गर्मियों की छुट्टियों में हॉस्टल खाली करवा कर उसकी मरम्मत कारवाई जा सके और हॉस्टल को अवैध कब्जे से मुक्ति दिलाई जा सके। हॉस्टल के कुछ छात्र कई सालों से कब्जा कर रखे हैं जिसकी वजह से नए छात्रों को हॉस्टल में कमरा देने में मुश्किल आ रही है। छात्रों को जब हॉस्टल खाली करने की बात कही गयी तो उन्होने इसका विरोध शुरू कर दिया। पिछले तीन हफ्तों से छात्र इसका विरोध कर रहे थे। हॉस्टल का विवाद अब हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। हाईकोर्ट ने भी छात्रों को 25 मई तक हॉस्टल खाली करने के आदेश दे दिये हैं।



इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र और छात्राओं को मिलाकर कुल 14 हॉस्टल हैं इन 14 हॉस्टल में लगभग 4 हजार छात्र रह सकते हैं हालांकि जरूरत इससे कई गुना ज्यादा की है।

बवाल में हुए कई छात्र गिरफ्तार

हॉस्टल खाली कराने पहुंची पुलिस से भिड़े छात्रो को पुलिस ने जमकर पीटा जिसकी वजह से छात्रों में और आक्रोश आ गया। बवाल थमने की बजाय इतना बढ़ गया कि हॉस्टल के अंदर से छात्रों ने देसी बम फेकना शुरू कर दिया। दिन भर चले हंगामे के बाद पुलिस ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र और उपाध्यक्ष आदिल हमजा समेत एक दर्जन से ज़्यादा छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है।

सवाल इस बात का है कि आखिर हॉस्टल में रहने वाले इन छात्रों के बाद हथियार और देशी बम कहां से उपलब्ध हुए। हालांकि प्रशासन इस बात को गंभीरता से ले रही है। फिलहाल पुलिस अभी बवाल को शांत कराने के प्रयास में जुटी है।