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MP के साथ साथ हरियाणा, राजस्थान और झारखण्ड में भी दिलचश्प होगा राज्यसभा चुनाव

नई दिल्ली। हाल ही में मध्यप्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला जब कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का हाथ थाम लिया। जहां बीजेपी ने इसे उनकी घर वापसी बतायी वहीं विपक्ष ने सिंधिया और बीजेपी पर जमकर वार किये। लेकिन अब राज्यसभा चुनाव को लेकर भी घमासान मचा हुआ है। हालांकि एमपी में कांग्रेस और बीजेपी के बीच तनाव चल रहा है तो लाजमी है कि यहां का चुनाव भी दिलचश्प होगा लेकिन यहीं नही बल्कि हरियाणा, राजस्थान और झारखण्ड में भी चुनाव रोचक होने वाला है।

बताया जा रहा है कि इस बार एमपी के साथ साथ् अन्य राज्यों में भी बीजेपी और कांग्रेस के नेता क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, इसको लेकर दोनो ही पार्टियां काफी चिंतित हैं। बता दें कि राज्यसभा चुनाव को लेकर राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा में बीजेपी ने उम्मीदवार उतारा है तो झारखंड में कांग्रेस ने उम्मीदवार उतराकर मुकाबला रोचक बना दिया है। इस बार राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 18 मार्च को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित तिथि के अनुसार, 17 राज्‍यों के 55 राज्‍यसभा सीटों पर 26 मार्च को राज्‍यसभा चुनाव होना है। इसके लिए वोटिंग सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक की जाएगी और वोटों की गिनती शाम 5 बजे की जाएगी।

झारखंड में समीकरण

55 राज्यसभा सीटों के चुनाव में झारखण्ड की दो सीटे हैं। एक सीट पर जेएमएम प्रत्याशी शिबू सोरेन की जीत पक्की मानी जा रही है। वहीं दूसरी सीट के लिए बीजेपी के दीपक प्रकाश और कांग्रेस के शहजादा अनवर में कड़ा मुकाबला होने वाला है। हालांकि आंकड़ें दीपक प्रकाश के पक्ष में ज्यादा दिख रहे हैं। आजसू के समर्थन से बीजेपी के दीपक प्रकाश को 28 वोट मिलता दिख रहे है, जबकि जीत के लिए प्रथम वरीयता के केवल 27 वोटों की जरूरत है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को पार्टी के 16 विधायक, जेवीएम छोड़कर आए दो विधायक, आरजेडी के एक, एनसीपी के एक, माले के एक और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिल सकता है।

मध्यप्रदेश का समीकरण

मध्य प्रदेश में 3 सीटों पर चुनाव होना है। कांग्रेस से दिग्विजय सिंह, फूल सिंह बरैया और बीजेपी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉक्टर सुमेर सिंह सोलंकी को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी के सोलंकी का नामांकन पत्र रद्द हो सकता है लिहाजा पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार भी खड़ा किया है। तीसरे प्रत्याशी के तौर पर बीजेपी ने पूर्व मंत्री रंजना बघेल से भी नामांकन दाखिल कराया है। आपको बता दें कि राज्य की 228 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 114 है, जबकि पार्टी को चार निर्दलीय, दो बहुजन समाज पार्टी और एक विधायक का समर्थन भी हासिल है। अब देखने वाली बात यह है कि कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले 22 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया जाता है या नही। अगर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है या तो संख्या 206 रह जाएगी। ऐसी स्थिति में कांग्रेस के पास सिर्फ 92 सदस्य होंगे, जबकि बीजेपी के खेमें में 107 विधायक होंगे। उम्मीद है कि भाजपा के सिंधिया और कांग्रेस के दिग्विजय सिंह आसानी से जीत दर्ज कर लेंगे। लेकिन तीसरी सीट के लिए भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस के फूल सिंह बरैया के बीच कड़ा मुकाबला होने वाला है।

हरियाणा का समीकरण

हरियाणा में दो सीटों के लिए नियमित और एक सीट पर उपचुनाव होना है। सियासी उलटफेर नहीं हुआ तो एनडीए गठबंधन को दो सीटें मिलना तय है। एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार की जीत हो सकती है। हरियाणा में विधायकों की संख्या 90 है। हरियाणा में जीतने वाले उम्मीदवार को 46 वोट यानी 46 विधायकों का समर्थन चाहिए। चूंकि भाजपा के 40 विधायक हैं और उसे 10 जेजेपी और छह निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस के पास 31 विधायक हैं, इसलिए उपचुनाव वाली सीट के लिए उसे 15 और विधायक जुटाने पड़ेंगे, जो मुश्किल दिखाई देता है। इसलिए इस एक सीट के लिए केवल बीजेपी-जेजेपी गठबंधन का उम्मीदवार ही नामांकन करेगा।

राजस्थान का समीकरण

राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दो-दो प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस के के सी़ वेणुगोपाल एवं नीरज डांगी तथा बीजेपी के राजेन्द्र गहलोत एवं औंकार सिंह लखावत ने नामांकन दाखिल किया है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर दो सीटों पर कांग्रेस और एक पर बीजेपी उम्मीदवार के चुनाव जीतने की संभावना है। बीजेपी के राज्यसभा सांसद रामनारायण डूडी, विजय गोयल और नारायण लाल पंचारिया का कार्यकाल पूरा होने पर ये तीन सीटें खाली हो रही है। राज्य की 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक और बीजेपी के 72 विधायक हैं। राज्य के 13 में से 12 निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया है।

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