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निर्मला सीतारमण ने तोड़ी बरसों पुरानी परंपरा, जाने क्यों और कब से लाल सूटकेस में रखा जा रहा था बजट

Am Budget 2019 20 History Of Budget And Red Briefcase Nirmala Sitaraman Breaks Tradition

By आस्था सिंह 
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नई दिल्ली। आम बजट और वित्त मंत्री के रेड सूटकेस के बीच बेहद पुराना रिश्ता है लेकिन लाल सूटकेस में बजट रखने की इस परंपरा को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तोड़ दिया। 1860 से शुरू हुई यह परंपरा 159 साल पुरानी है। 26 नवंबर 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले वित्त मंत्री शणमुखम शेट्टी द्वारा पेश बजट को भी इसी सूटकेस में लाया गया था

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क्यों लाल सूटकेस में रखा जाता था बजट

बजट को लाल सूटकेस में रखे जाने पर सरकार का मानना है कि यह पाश्चात्य संस्कृति से बाहर आकर देश की पुरानी परंपराओं से जुड़ने की शुरुआत है। वहीं बैग का लाल रंग भारतीय परंपराओं के हिसाब से शगुन का भी प्रतीक माना जाता है। वहीं अब देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह परंपरा तोड़ दी है।

जाने बजट से जुड़ी कुछ खास बातें

बजट एक फ्रांसीसी शब्द ‘बॉगेटी’ से निकला हुआ है, जिसका मतलब होता है लेदर बैग। 1860 में ब्रिटेन के ‘चांसलर ऑफ दी एक्स चेकर चीफ’ विलियम एवर्ट ग्लैडस्टन फाइनेंशियल पेपर्स के बंडल को लेदर बैग में लेकर आए थे। तभी से यह परंपरा शुरू हो गई।

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यहां से शुरू हुई लंबी बजट स्पीच की परंपरा

इन पेपर्स पर ब्रिटेन की क्वीेन का सोने में मोनोग्राम था। खास बात यह है कि क्वीन ने बजट पेश करने के लिए लेदर का यह सूटकेस खुद ग्लैंडस्टन को दिया था। ग्लैसडस्टतन की बजट स्पीेच काफी लंबी होती थी, जिसके लिए कई सारे फाइनेंशियल डाक्यू मेंट्स और पेपर्स की जरूरत होती थी और यहीं से लंबी बजट स्पीच की परंपरा भी निकल पड़ी।

साफ तौर पर भारत के बजट बॉक्सल या सूटकेस पर अभी भी ब्रिटेन का औपनिवेशिक असर है। स्वतंत्रता के बाद भारत में लेदर बैग की इस परंपरा को जारी रखा गया। ब्रिटेन की अन्य कालोनियां यानी उपनिवेशों जैसे- यूगांडा, जिम्बाकब्वे और मलेशिया में भी बजट स्पीच के लिए इसी बजट सूटकेस का उपयोग किया जाता है।

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