अमेजॉन के संस्थापक ने लोगों से मांगी राय, इतने पैसों का करें क्या

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अमेजॉन के संस्थापक ने लोगों से मांगी राय, इतने पैसों का करें क्या

नई दिल्ली। आॅनलाइन शापिंग कंपनी के संस्थापक जेफ बेजोस इस वक्त एक नई मुसीबत में फंसे हुए हुए। इससे उबरने के लिए उन्होने लोगों से राय मांगी है। दरअसल उनके पास इतने पैसे हो गए हैं कि अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वो आखिर इतने पैसों का करें तो क्या करें? उन्होने अपनी इस समस्या को सार्वजनिक भी किया और ट्विटर के जरिए लोगों से उनकी राय भी मांग चुके हैं कि आखिर उन्हें इतने पैसों का क्या करना चाहिए?

Amazon Founder Jeff Bezos Big Problem That What To Do With All Money :

बता दें कि जेफ बेजोस की कुल संपत्ति लगभग 162 अरब डॉलर है। उनकी रोजाना की कमाई लगभग 430 करोड़ रुपये है। उन्होने और उनकी पत्नी मेकेंजी ने पैसे दान करने की शुरुआती योजना का ऐलान किया है। जेफ बेजोस ने कहा कि वो बेघरों और स्कूल से पहले की शिक्षा में सुधार के लिए एक नया फाउंडेशन बेजॉस डे वन फंड बनाएंगे और उसके जरिए 2 बिलियन डॉलर यानी 142 अरब रुपये का दान करेंगे। हालाकि ये उनकी कुल संपत्ति का बहुत ही छोटा हिस्सा है।

वो अब इस बात को लेकर परेशान हैं कि इस अकूत संपत्ति को कैसे और कहां खर्च करें? इसके अलावा एक और बड़ा सवाल है कि आखिर उनके पास इतनी संपत्ति क्यों है? उससे भी बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल ये है कि इस अकूत संपत्ति के लिहाज से उनकी क्या जिम्मेदारियां हैं और वह इन पैसों का क्या करेंगे?

एक रिपोर्ट के मुताबिक बेजोफ के पास यह संपत्ति सिर्फ उनकी प्रतिभा का नतीजा नहीं है। इसके पीछे वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाली कई बड़ी ताकतों का भी हाथ है। इनमें से एक है डिजिटल प्रौद्योगिकी का असमान प्रभाव, जिसने लागत कम कर दी और लोगों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की।

अमेजॉन का कहना है कि उसके गोदामों में काम करने वाले श्रमिकों को हर घंटे औसतन 15 डॉलर यानी करीब 1000 रुपये मिलते हैं, जिसमें वेतन और अन्य भत्ते भी शामिल हैं। हालांकि प्रति घंटे 15 डॉलर का वेतन बहुत होता है, लेकिन अमेरिका जैसे देश में एक परिवार को मूलभूत सुविधाएं पूरी करने के लिहाज से यह बहुत कम है। यह एक बहुत बड़ी समस्या है।

 

नई दिल्ली। आॅनलाइन शापिंग कंपनी के संस्थापक जेफ बेजोस इस वक्त एक नई मुसीबत में फंसे हुए हुए। इससे उबरने के लिए उन्होने लोगों से राय मांगी है। दरअसल उनके पास इतने पैसे हो गए हैं कि अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वो आखिर इतने पैसों का करें तो क्या करें? उन्होने अपनी इस समस्या को सार्वजनिक भी किया और ट्विटर के जरिए लोगों से उनकी राय भी मांग चुके हैं कि आखिर उन्हें इतने पैसों का क्या करना चाहिए?बता दें कि जेफ बेजोस की कुल संपत्ति लगभग 162 अरब डॉलर है। उनकी रोजाना की कमाई लगभग 430 करोड़ रुपये है। उन्होने और उनकी पत्नी मेकेंजी ने पैसे दान करने की शुरुआती योजना का ऐलान किया है। जेफ बेजोस ने कहा कि वो बेघरों और स्कूल से पहले की शिक्षा में सुधार के लिए एक नया फाउंडेशन बेजॉस डे वन फंड बनाएंगे और उसके जरिए 2 बिलियन डॉलर यानी 142 अरब रुपये का दान करेंगे। हालाकि ये उनकी कुल संपत्ति का बहुत ही छोटा हिस्सा है।वो अब इस बात को लेकर परेशान हैं कि इस अकूत संपत्ति को कैसे और कहां खर्च करें? इसके अलावा एक और बड़ा सवाल है कि आखिर उनके पास इतनी संपत्ति क्यों है? उससे भी बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल ये है कि इस अकूत संपत्ति के लिहाज से उनकी क्या जिम्मेदारियां हैं और वह इन पैसों का क्या करेंगे?एक रिपोर्ट के मुताबिक बेजोफ के पास यह संपत्ति सिर्फ उनकी प्रतिभा का नतीजा नहीं है। इसके पीछे वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने वाली कई बड़ी ताकतों का भी हाथ है। इनमें से एक है डिजिटल प्रौद्योगिकी का असमान प्रभाव, जिसने लागत कम कर दी और लोगों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की।अमेजॉन का कहना है कि उसके गोदामों में काम करने वाले श्रमिकों को हर घंटे औसतन 15 डॉलर यानी करीब 1000 रुपये मिलते हैं, जिसमें वेतन और अन्य भत्ते भी शामिल हैं। हालांकि प्रति घंटे 15 डॉलर का वेतन बहुत होता है, लेकिन अमेरिका जैसे देश में एक परिवार को मूलभूत सुविधाएं पूरी करने के लिहाज से यह बहुत कम है। यह एक बहुत बड़ी समस्या है।