अमेरिका ने पहली बार माना, ईरानी हमले में घायल हुए थे 34 अमेरिकी सैनिक

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अमेरिका ने पहली बार माना, ईरानी हमले में घायल हुए थे 34 अमेरिकी सैनिक

नई दिल्ली। इराक में अमेरिकी सेना के एक सैन्य अड्डे पर हाल ही में ईरान के मिसाइल हमले में 34 अमेरिकी सैनिकों को दिमागी चोटें लगी थी। ईरान ने यह हमला कमांडर कासिम सुलेमानी के इराक में अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने के बाद बदले के रूप में किया था। सुलेमानी पर अमेरिका की लंबे समय तक नजर थी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनाई ने अमेरिका को बदले की धमकी दी थी।  

America Admitted For The First Time 34 Us Soldiers Were Injured In Iranian Attack :

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरू में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि आठ जनवरी के हमले में कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ। सेना ने कहा कि हमले के तुरंत बाद मामले सामने नहीं आए थे और कुछ मामलों में कई दिनों बाद इसका पता चला।

वहीं दूसरी ओर, इराक से अमेरिकी बलों को हटाने के बारे में अमेरिका ने अब तक उसके साथ कोई बातचीत शुरू नहीं की है। सीरिया और इस्लामिक स्टेट के खिलाफ वैश्विक गठबंधन के लिए अमेरिका के विशेष दूत जेम्स जेफरी ने कहा है कि अभी इसे लेकर कोई वास्तविक समझौता नहीं हुआ है।अमेरिकी बलों को हटाने संबंधी मांग इराक की संसद में उठ चुकी है।

इस संदर्भ में जेफरी ने कहा,‘जैसा कि कई बार कहा जा चुका है कि हम इराकी सरकार के साथ संपूर्ण रणनीतिक संबंधों के बारे में चर्चा करने को तैयार हैं। इराक के साथ हमारा 2008 से रणनीतिक समझौता है और इसके दायरे में आर्थिक, सुरक्षा और राजनयिक संबंध भी आते हैं।’

ईरान ने दो दर्जन मिसाइलें दागी थीं

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बावजूद 8 जनवरी को सुबह साढ़े 5 बजे ईरान ने एक बार फिर इराक स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाते हुए दो दर्जन से अधिक मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाए जाने की पुष्टि खुद पेंटागन ने की है। ईरान की ओर से किए गए इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा था, ‘ऑल इज़ वेल’।

मिसाइल हमलों के बाद ट्रंप ने किया था ट्वीट

ईरान की इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘ऑल इस वेल! इराक में स्थित दो सैन्य ठिकानों पर ईरान से मिसाइलें दागी गईं। इस हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अब तक सब ठीक है! हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली और अच्छी तरह से सुसज्जित सेना है! मैं कल सुबह बयान दूंगा।’  

नई दिल्ली। इराक में अमेरिकी सेना के एक सैन्य अड्डे पर हाल ही में ईरान के मिसाइल हमले में 34 अमेरिकी सैनिकों को दिमागी चोटें लगी थी। ईरान ने यह हमला कमांडर कासिम सुलेमानी के इराक में अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने के बाद बदले के रूप में किया था। सुलेमानी पर अमेरिका की लंबे समय तक नजर थी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनाई ने अमेरिका को बदले की धमकी दी थी।   राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरू में कहा था कि उन्हें बताया गया है कि आठ जनवरी के हमले में कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ। सेना ने कहा कि हमले के तुरंत बाद मामले सामने नहीं आए थे और कुछ मामलों में कई दिनों बाद इसका पता चला। वहीं दूसरी ओर, इराक से अमेरिकी बलों को हटाने के बारे में अमेरिका ने अब तक उसके साथ कोई बातचीत शुरू नहीं की है। सीरिया और इस्लामिक स्टेट के खिलाफ वैश्विक गठबंधन के लिए अमेरिका के विशेष दूत जेम्स जेफरी ने कहा है कि अभी इसे लेकर कोई वास्तविक समझौता नहीं हुआ है।अमेरिकी बलों को हटाने संबंधी मांग इराक की संसद में उठ चुकी है। इस संदर्भ में जेफरी ने कहा,‘जैसा कि कई बार कहा जा चुका है कि हम इराकी सरकार के साथ संपूर्ण रणनीतिक संबंधों के बारे में चर्चा करने को तैयार हैं। इराक के साथ हमारा 2008 से रणनीतिक समझौता है और इसके दायरे में आर्थिक, सुरक्षा और राजनयिक संबंध भी आते हैं।’ ईरान ने दो दर्जन मिसाइलें दागी थीं गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बावजूद 8 जनवरी को सुबह साढ़े 5 बजे ईरान ने एक बार फिर इराक स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाते हुए दो दर्जन से अधिक मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाए जाने की पुष्टि खुद पेंटागन ने की है। ईरान की ओर से किए गए इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा था, 'ऑल इज़ वेल'। मिसाइल हमलों के बाद ट्रंप ने किया था ट्वीट ईरान की इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा, 'ऑल इस वेल! इराक में स्थित दो सैन्य ठिकानों पर ईरान से मिसाइलें दागी गईं। इस हमले के बाद हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अब तक सब ठीक है! हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली और अच्छी तरह से सुसज्जित सेना है! मैं कल सुबह बयान दूंगा।'