कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका ने साफ किया रूख, कहा-यह भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला

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कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका ने साफ किया रूख, कहा-यह भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है

नई दिल्ली। कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका ने अपना रूख साफ कर दिया है। अमेरिका प्रशासन ने कहा है कि, कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश नहीं करेंगे। यह भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है। भारतीय राजदूत हर्षवर्धन सिंगला के हवाले से ये खबर आई है।

America Has Clarified Its Stand On Kashmir Issue :

अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन सिंगला ने कहा कि अमेरिका अपनी पुरानी नीति पर चलना चाहता है। अमेरिका चाहता है कि इस मुद्दे को भारत और पाकिस्तान एक साथ मिलकर सुलझाने की कोशिश करें। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप ने ये साफ कर दिया है कि उनकी जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश भारत और पाकिस्तान के इसे स्वीकार करने पर निर्भर करती है।

भारत ने इस पेशकश को स्वीकार नहीं किया था, तो ट्रंप ने भी स्पष्ट तौर पर कह दिया कि अब इसपर बात नहीं होगी। वहीं, भारत का कश्मीर पर हमेशा से रुख स्पष्ट रहा है कि यह एक आंतरिक मुद्दा है, जिस पर किसी तीसरे देश की दखल स्वीकार नहीं की जाएगी। उधर, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

इस मुद्दे पर पाकिस्तान पीएम इमरान खान दुनिया के सामने मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को किसी देश में तवज्जो नहीं मिल रही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन दौरे पर मदद मांगने गए थे लेकिन वहां भी पाकिस्तान को निराशा हाथ लगी है।

नई दिल्ली। कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका ने अपना रूख साफ कर दिया है। अमेरिका प्रशासन ने कहा है कि, कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश नहीं करेंगे। यह भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मसला है। भारतीय राजदूत हर्षवर्धन सिंगला के हवाले से ये खबर आई है। अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन सिंगला ने कहा कि अमेरिका अपनी पुरानी नीति पर चलना चाहता है। अमेरिका चाहता है कि इस मुद्दे को भारत और पाकिस्तान एक साथ मिलकर सुलझाने की कोशिश करें। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप ने ये साफ कर दिया है कि उनकी जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता की पेशकश भारत और पाकिस्तान के इसे स्वीकार करने पर निर्भर करती है। भारत ने इस पेशकश को स्वीकार नहीं किया था, तो ट्रंप ने भी स्पष्ट तौर पर कह दिया कि अब इसपर बात नहीं होगी। वहीं, भारत का कश्मीर पर हमेशा से रुख स्पष्ट रहा है कि यह एक आंतरिक मुद्दा है, जिस पर किसी तीसरे देश की दखल स्वीकार नहीं की जाएगी। उधर, जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इस मुद्दे पर पाकिस्तान पीएम इमरान खान दुनिया के सामने मदद की गुहार लगा रहे हैं लेकिन पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को किसी देश में तवज्जो नहीं मिल रही है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन दौरे पर मदद मांगने गए थे लेकिन वहां भी पाकिस्तान को निराशा हाथ लगी है।