US ने चेताया- भारत में आतंकी हमला कर सकते हैं पाकिस्तानी आतंकवादी

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US ने चेताया- भारत में आतंकी हमला कर सकते हैं पाकिस्तानी आतंकवादी

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से जारी भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिका ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान से कई आतंकी संगठन भारत में बड़े हमले की तैयारी में हैं। अमेरिका ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान इन आतंकवादी समूहों को काबू में रखे तो इन हमलों को रोका जा सकता है।

America Pakistan Terrorist Attack In Jammu Kashmir Report Article 370 :

भारत-प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक रक्षा मंत्री रैंडल शाइवर ने वाशिंगटन में कहा कि कश्मीर पर फैसले के बाद कई देशों को डर है कि आतंकवादी समूह सीमा-पार से भारत में हमलों को अंजाम दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि चीन इस तरह का कोई संघर्ष चाहेगा या उसका समर्थन करेगा।’ शाइवर कश्मीर मुद्दे पर चीन द्वारा पाकिस्तान को समर्थन देने के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।  

कश्मीर मुद्दे पर चीन द्वारा पाकिस्तान को समर्थन देने के बारे में पूछे गए एक सवाल में शाइवर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि चीन इस तरह का कोई संघर्ष चाहेगा या उसका समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को चीन का समर्थन बहुत हद तक कूटनीतिक एवं राजनीतिक समर्थन है।

शाइवर ने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन दिया है। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा ले जाया जाए या नहीं, इस संबंध में कुछ चर्चा हुई तो चीन इसका समर्थन करेगा। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे ज्यादा चीन कुछ करेगा। बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 एवं 35ए के अधिकतर प्रावधानों को गत पांच अगस्त को खत्म कर दिया था।

शाइवर ने कहा, “मुझे लगता है कि यह (कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को चीन का समर्थन) बहुत हद तक कूटनीतिक एवं राजनीतिक समर्थन है।” पेंटागन के शीर्ष अधिकारी ने कहा, “उन्होंने (चीन ने) पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन दिया है। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा ले जाया जाए या नहीं, इस संबंध में कुछ चर्चा हुई तो चीन इसका समर्थन करेगा। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे ज्यादा चीन कुछ करेगा।”

उन्होंने कहा कि चीन का पाकिस्तान के साथ लंबे समय से संबंध है और उनकी भारत के साथ प्रतिद्वंद्विता बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत चीन के साथ स्थिर संबंध चाहता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर के मौजूदा दौरे का जिक्र करते हुए शाइवर ने कहा कि अमेरिका उनके साथ विचार-विमर्श कर रहा है।  

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से जारी भारत और पाकिस्तान के बीच तनातनी के बीच एक बड़ी खबर आई है। अमेरिका ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान से कई आतंकी संगठन भारत में बड़े हमले की तैयारी में हैं। अमेरिका ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान इन आतंकवादी समूहों को काबू में रखे तो इन हमलों को रोका जा सकता है। भारत-प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक रक्षा मंत्री रैंडल शाइवर ने वाशिंगटन में कहा कि कश्मीर पर फैसले के बाद कई देशों को डर है कि आतंकवादी समूह सीमा-पार से भारत में हमलों को अंजाम दे सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि चीन इस तरह का कोई संघर्ष चाहेगा या उसका समर्थन करेगा।' शाइवर कश्मीर मुद्दे पर चीन द्वारा पाकिस्तान को समर्थन देने के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।   कश्मीर मुद्दे पर चीन द्वारा पाकिस्तान को समर्थन देने के बारे में पूछे गए एक सवाल में शाइवर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि चीन इस तरह का कोई संघर्ष चाहेगा या उसका समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को चीन का समर्थन बहुत हद तक कूटनीतिक एवं राजनीतिक समर्थन है। शाइवर ने कहा कि चीन ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन दिया है। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा ले जाया जाए या नहीं, इस संबंध में कुछ चर्चा हुई तो चीन इसका समर्थन करेगा। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे ज्यादा चीन कुछ करेगा। बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 एवं 35ए के अधिकतर प्रावधानों को गत पांच अगस्त को खत्म कर दिया था। शाइवर ने कहा, “मुझे लगता है कि यह (कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को चीन का समर्थन) बहुत हद तक कूटनीतिक एवं राजनीतिक समर्थन है।” पेंटागन के शीर्ष अधिकारी ने कहा, “उन्होंने (चीन ने) पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन दिया है। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दा ले जाया जाए या नहीं, इस संबंध में कुछ चर्चा हुई तो चीन इसका समर्थन करेगा। लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे ज्यादा चीन कुछ करेगा।” उन्होंने कहा कि चीन का पाकिस्तान के साथ लंबे समय से संबंध है और उनकी भारत के साथ प्रतिद्वंद्विता बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत चीन के साथ स्थिर संबंध चाहता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर के मौजूदा दौरे का जिक्र करते हुए शाइवर ने कहा कि अमेरिका उनके साथ विचार-विमर्श कर रहा है।