भारत-पाक के बीच शांति की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर : व्हाइट हाउस

imran modi
भारत-पाक के बीच शांति की जिम्मेदारी पाकिस्तान पर : व्हाइट हाउस

नई दिल्ली। आतंकियों को संरक्षण देने वाले देश के तौर पर बदनाम हो चुके पाकिस्तान को अमेरिका ने आईना दिखाया है। अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार से साफ किया है कि आतंकवादी समूहों को अलग-थलग करके दक्षिण एशिया में सतत शांति लाने की जिम्मेदारी उसकी है। खान ने प्रधानमंत्री मोदी के पुन: चुने जाने के बाद लिखे दूसरे पत्र में कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे समेत सभी मतभेदों को सुलझाने के लिए भारत के साथ बात करना चाहता है।

America Said The Responsibility Of Peace With India On Pakistan America :

आपको बता दें कि इमरान ने भारत में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को लिखी दूसरी चिट्ठी में कहा है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे समेत सभी मतभेदों को सुलझाने के लिए नई दिल्ली के साथ बात करना चाहता है। इमरान ने कहा कि दोनों देशों की जनता को गरीबी से उबारने के लिए वार्ता ही एकमात्र समाधान है और क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।

हालांकि, भारत ने बातचीत के पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा है कि आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकती और किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 13-14 जून को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) से इतर दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच किसी द्विपक्षीय मुलाकात की योजना नहीं है।

इन सबके बीच वाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘वास्तव में अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान में गिरफ्तारियां हों और मुकदमे चलें तथा आतंकी समूहों के लोगों को आजाद घूमने, हथियार खरीदने, भारत में प्रवेश करने और हमले करने नहीं दिए जाएं।’

नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ऐसे सतत कदम देखना चाहता है जिनसे आतंकियों की गतिविधियां बंद हो जाएं। भारत-पाक के बीच तनाव पर अमेरिका के आकलन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए वाइट हाउस के अधिकारी ने कहा, ‘जब तक इन समूहों को अलग-थलग नहीं किया जाता, तब तक भारत और पाकिस्तान के लिए सतत शांति हासिल करना बहुत कठिन है इसलिए इन समूहों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।’

नई दिल्ली। आतंकियों को संरक्षण देने वाले देश के तौर पर बदनाम हो चुके पाकिस्तान को अमेरिका ने आईना दिखाया है। अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार से साफ किया है कि आतंकवादी समूहों को अलग-थलग करके दक्षिण एशिया में सतत शांति लाने की जिम्मेदारी उसकी है। खान ने प्रधानमंत्री मोदी के पुन: चुने जाने के बाद लिखे दूसरे पत्र में कहा कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे समेत सभी मतभेदों को सुलझाने के लिए भारत के साथ बात करना चाहता है। आपको बता दें कि इमरान ने भारत में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को लिखी दूसरी चिट्ठी में कहा है कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे समेत सभी मतभेदों को सुलझाने के लिए नई दिल्ली के साथ बात करना चाहता है। इमरान ने कहा कि दोनों देशों की जनता को गरीबी से उबारने के लिए वार्ता ही एकमात्र समाधान है और क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है। हालांकि, भारत ने बातचीत के पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा है कि आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकती और किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 13-14 जून को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) से इतर दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच किसी द्विपक्षीय मुलाकात की योजना नहीं है। इन सबके बीच वाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'वास्तव में अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान में गिरफ्तारियां हों और मुकदमे चलें तथा आतंकी समूहों के लोगों को आजाद घूमने, हथियार खरीदने, भारत में प्रवेश करने और हमले करने नहीं दिए जाएं।' नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ऐसे सतत कदम देखना चाहता है जिनसे आतंकियों की गतिविधियां बंद हो जाएं। भारत-पाक के बीच तनाव पर अमेरिका के आकलन से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए वाइट हाउस के अधिकारी ने कहा, 'जब तक इन समूहों को अलग-थलग नहीं किया जाता, तब तक भारत और पाकिस्तान के लिए सतत शांति हासिल करना बहुत कठिन है इसलिए इन समूहों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है।'