चेतावनी: रूस से हथियार खरीदने पर अमेरिका ने भारत को दी ये धमकी

pm modi donald trump
चेतवानी: रूस से हथियार खरीदने पर अमेरिका ने भारत को दी ये धमकी

नई दिल्ली। भारत द्वारा रूस से नई हथियार प्रणाली खरीदने को लेकर अमेरिका काफी नाराज है। अमेरिका का कहना है कि भारत अगर रूस से हथियार खरीदता है तो हमारे प्रतिबंधों से उसे छूट मिली बंद हो सकती है। दरअसल, भारत अपने पुराने सहयोगी देश रूस से लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले एस-400 मिसाइल सिस्टम समेत अन्य हथियारों की खरीद कर रहा है।

America Warn India Over Purchesing S 400 From Russia :

बता दें कि यदि कोई देश रूस से रक्षा या इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कोई सौदा करता है तो उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, अमेरिकी संसद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ को विशेषाधिकार दे रखा है कि यदि वो चाहे तो रूस से सौदा करने वाले देशों को प्रतिबंध से छूट दे सकते है।

पेंटागन में एशिया और प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक मंत्री रैंडल स्क्रीवर ने कहा कि ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि भारत किसी से भी रक्षा समझौता करे तो उसे अमेरिका से प्रतिबंधों में छूट मिलती रहेगी। ये बातें गुमराह करने वाली हैं। हालाकि उसने ऐसा हो जाने की कोई गारंटी नही दी है। बता दें कि भारत और रूस के बीच हथियार खदीरने सम्बंधी करार 2016 में ही हुआ था। चीन 2014 में ही रूस से इसका सौदा कर चुका है और उसे यह पहले ही मिल चुका है। यह एस-300 का विकसित संस्करण है।

नई दिल्ली। भारत द्वारा रूस से नई हथियार प्रणाली खरीदने को लेकर अमेरिका काफी नाराज है। अमेरिका का कहना है कि भारत अगर रूस से हथियार खरीदता है तो हमारे प्रतिबंधों से उसे छूट मिली बंद हो सकती है। दरअसल, भारत अपने पुराने सहयोगी देश रूस से लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले एस-400 मिसाइल सिस्टम समेत अन्य हथियारों की खरीद कर रहा है।बता दें कि यदि कोई देश रूस से रक्षा या इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कोई सौदा करता है तो उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, अमेरिकी संसद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ को विशेषाधिकार दे रखा है कि यदि वो चाहे तो रूस से सौदा करने वाले देशों को प्रतिबंध से छूट दे सकते है।पेंटागन में एशिया और प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक मंत्री रैंडल स्क्रीवर ने कहा कि ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि भारत किसी से भी रक्षा समझौता करे तो उसे अमेरिका से प्रतिबंधों में छूट मिलती रहेगी। ये बातें गुमराह करने वाली हैं। हालाकि उसने ऐसा हो जाने की कोई गारंटी नही दी है। बता दें कि भारत और रूस के बीच हथियार खदीरने सम्बंधी करार 2016 में ही हुआ था। चीन 2014 में ही रूस से इसका सौदा कर चुका है और उसे यह पहले ही मिल चुका है। यह एस-300 का विकसित संस्करण है।