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अमेरिका ने दी चेतावनी, कहा – ट्रंप के फैसले को कमजोरी समझने की भूल न करे ईरान

America Warning To Iran And Says Dont Take America Eaisly

By रवि तिवारी 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जॉन बोल्टन ने ईरान को रविवार को आगाह करते हुए कहा कि वह अमेरिका की समझदारी को उसकी कमजोरी समझने की भूल न करे। आपको बता दें कि ईरान की सेना द्वारा एक शक्तिशाली अमेरिकी ड्रोन को मार गिराए जाने के बाद से क्षेत्र में तनाव बरकरार है। ट्रंप ने हमले का आदेश भी दे दिया था पर आखिरी मिनटों में उन्होंने इसे वापस ले लिया।

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ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि ईरान के खिलाफ सोमवार से नए बड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि ईरान अगर परमाणु हथियार बनाने पर काम करना बंद कर दे तो वह उसके (ईरान के) सबसे अच्छे दोस्त बन सकते हैं। आपको बता दें कि ट्रंप ने खुद ट्वीट कर दुनिया को बताया था कि उन्होंने ड्रोन गिराने का बदला लेने के लिए सैन्य हमले को रोक दिया क्योंकि इससे 150 लोगों की जान जा सकती थी।

कमजोरी समझने की भूल न करे ईरान: US

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने ईरान को आगाह किया है। इजरायल के दौरे पर गए US एनएसए ने कहा कि हमले को आखिरी क्षण में रद्द करने के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को ईरान कमजोरी समझने की भूल न करे। बोल्टन ने इजरायल के पीएम बेंजमिन नेतन्याहू के साथ बैठक से पहले कहा, ‘न ईरान को और न ही किसी अन्य शत्रु देश को अमेरिका के विवेक को कमजोरी समझने की भूल करनी चाहिए।’ बोल्टन ने साफ कहा, ‘हमारी सेना में नई ऊर्जा है और वह हर परिस्थिति के लिए तैयार है।’

ईरान ने कहा, करारा जवाब देंगे

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ईरान ने कहा है कि वह अपने खिलाफ किसी भी तरह के ऐक्शन का करारा जवाब देगा। तेहरान ने रविवार को युद्ध के जोखिम को लेकर भी आगाह किया। मेजर जनरल जी. राशिद ने कहा, ‘अगर क्षेत्र में युद्ध छिड़ता है तो कोई भी देश इसे रोक नहीं पाएगा और यह लंबा चल सकता है।’ उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी सरकार को क्षेत्र में किसी भी प्रकार की हरकत को टालकर जिम्मेदाराना तरीके से अपने सैनिकों की जान की रक्षा करनी चाहिए।

उधर, ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने आरोप लगाया है कि मध्य पूर्व में अमेरिका तनाव को बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी क्षेत्र की समस्याओं के लिए जिम्मेदार है।

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