अमेरिका ने रूस को दी चेतावनी, कहा- 60 दिन के अंदर अपनी मिसाइलों को नष्ट करे

अमेरिका ने रूस को दी चेतावनी, कहा- 60 दिन के अंदर अपनी मिसाइलों को नष्ट करे
अमेरिका ने रूस को दी चेतावनी, कहा- 60 दिन के अंदर अपनी मिसाइलों को नष्ट करे

नई दिल्ली। अमेरिका ने रूस को चेतावनी दी है कि यदि उसने अपनी मिसाइलों को 60 दिन के भीतर नष्ट नहीं किया तो वह शीत युद्ध के दौरान परमाणु हथियारों को लेकर हुई महत्वपूर्ण संधि से खुद को अलग कर लेगा। इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा था कि रूस ‘‘इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्स’’ (आईएनएफ) संधि का उल्लंघन कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अमेरिका के इस रुख के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं पेश किया गया है। अमेरिका का कहना है कि रूस की मिसाइल प्रणाली ने हथियारों की होड़ बढ़ने का खतरा फिर से पैदा कर दिया है।

America Warns Russia Says Abide By Atomic Treaty In Sixty Days :

रूस ने अमेरिका को दिया 60 दिन का अल्टीमेंट

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने नाटो की एक बैठक में घोषणा की थी कि अमेरिका रूसी ‘धोखाधड़ी’ के कारण 60 दिनों में इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस ट्रीटी (आईएनएफ) के तहत अपने दायित्वों को छोड़ेगा। पोंपियो के बयान के एक दिन बाद बुधवार को पुतिन का बयान आया है।

पुतिन ने टेलीविजन पर दिए अपने बयान में कहा,‘ऐसा लगता है कि हमारे अमेरिकी सहयोगियों का मानना है कि स्थिति इतनी बदल गई है कि अमेरिका के पास इस प्रकार के हथियार होने चाहिए।’ उन्होंने कहा,‘हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी? एक बहुत ही सरल, उस मामले में हम भी वही करेंगे।’

नाटो ने लगाया रूस पर संधि तोड़ने का आरोप

नाटो ने कहा कि अब संधि को बचाने का दारोमदार रूस पर है। गौरतलब है कि अक्टूबर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका संधि से अलग हो जाएगा और परमाणु हथियारों का जखीरा खड़ा करेगा।

लेकिन सोमवार को अमेरिका नेता ने कहा कि वह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करना चाहते हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि रूस ने नोवेटर 9एम729 मिसाइल तैनात की है जो संधि का उल्लंघन है। इस संधि के तहत जमीन से दागी जाने वाली 500 से 5,500 किलोमीटर रेंज की मिसाइलें प्रतिबंधित हैं।

नई दिल्ली। अमेरिका ने रूस को चेतावनी दी है कि यदि उसने अपनी मिसाइलों को 60 दिन के भीतर नष्ट नहीं किया तो वह शीत युद्ध के दौरान परमाणु हथियारों को लेकर हुई महत्वपूर्ण संधि से खुद को अलग कर लेगा। इससे पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा था कि रूस ‘‘इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्स’’ (आईएनएफ) संधि का उल्लंघन कर रहा है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अमेरिका के इस रुख के समर्थन में कोई प्रमाण नहीं पेश किया गया है। अमेरिका का कहना है कि रूस की मिसाइल प्रणाली ने हथियारों की होड़ बढ़ने का खतरा फिर से पैदा कर दिया है।रूस ने अमेरिका को दिया 60 दिन का अल्टीमेंटअमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने नाटो की एक बैठक में घोषणा की थी कि अमेरिका रूसी ‘धोखाधड़ी’ के कारण 60 दिनों में इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेस ट्रीटी (आईएनएफ) के तहत अपने दायित्वों को छोड़ेगा। पोंपियो के बयान के एक दिन बाद बुधवार को पुतिन का बयान आया है।पुतिन ने टेलीविजन पर दिए अपने बयान में कहा,‘ऐसा लगता है कि हमारे अमेरिकी सहयोगियों का मानना है कि स्थिति इतनी बदल गई है कि अमेरिका के पास इस प्रकार के हथियार होने चाहिए।’ उन्होंने कहा,‘हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी? एक बहुत ही सरल, उस मामले में हम भी वही करेंगे।’नाटो ने लगाया रूस पर संधि तोड़ने का आरोपनाटो ने कहा कि अब संधि को बचाने का दारोमदार रूस पर है। गौरतलब है कि अक्टूबर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका संधि से अलग हो जाएगा और परमाणु हथियारों का जखीरा खड़ा करेगा।लेकिन सोमवार को अमेरिका नेता ने कहा कि वह चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत करना चाहते हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि रूस ने नोवेटर 9एम729 मिसाइल तैनात की है जो संधि का उल्लंघन है। इस संधि के तहत जमीन से दागी जाने वाली 500 से 5,500 किलोमीटर रेंज की मिसाइलें प्रतिबंधित हैं।