अफगानिस्तान में हुआ अमेरिकी हेलीकॉप्टर क्रैश, दो सैनिकों की मौत

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अफगानिस्तान में हुआ अमेरिकी हेलीकॉप्टर क्रैश, दो सैनिकों की मौत

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में एक हेलीकॉप्टर हादसे में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को जानकारी दी कि यह एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है, हालांकि तालिबान ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सैनिको को मार गिराया है।

American Helicopter Crash In Afghanistan Two Soldiers Died :

दरअसल, यूएस फोर्सेज अफगानिस्तान के एक बयान में कहा गया है कि बुधवार को हुई दुर्घटना की जांच की जा रही थी, हालांकि प्रारंभिक रिपोर्टों से यह संकेत नहीं मिलता है कि यह हमले की वजह से हुई थी। हालांकि दुर्घटना के स्थान का खुलासा नहीं किया गया है और मारे गए लोगों के नाम वापस ले रहा है जब तक की परिजनों को नहीं बताया जाता। इस बीच तालिबान ने दावा किया है कि उसने रात 1 बजे हेलीकॉप्टर को लोगार प्रांत के चरख जिले में गिराया था।

बता दें, तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा,’अमेरिकियों ने एक मुजाहिदीन के अड्डे पर हमला करना चाहा लेकिन हमने उनके हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया और उनमें आग लग गई। 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में तालिबान के हमलों के साल बाद भी लगभग 13000 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में तैनात हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को वापस लेने के लिए उत्सुकता दिखाई है लेकिन संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले ने इस महीने अमेरिकी मीडिया को बताया कि अमेरिकी बलों के कई और वर्षों तक बने रहने की संभावना है।

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में एक हेलीकॉप्टर हादसे में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को जानकारी दी कि यह एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है, हालांकि तालिबान ने दावा किया है कि उन्होंने अमेरिकी सैनिको को मार गिराया है। दरअसल, यूएस फोर्सेज अफगानिस्तान के एक बयान में कहा गया है कि बुधवार को हुई दुर्घटना की जांच की जा रही थी, हालांकि प्रारंभिक रिपोर्टों से यह संकेत नहीं मिलता है कि यह हमले की वजह से हुई थी। हालांकि दुर्घटना के स्थान का खुलासा नहीं किया गया है और मारे गए लोगों के नाम वापस ले रहा है जब तक की परिजनों को नहीं बताया जाता। इस बीच तालिबान ने दावा किया है कि उसने रात 1 बजे हेलीकॉप्टर को लोगार प्रांत के चरख जिले में गिराया था। बता दें, तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा,'अमेरिकियों ने एक मुजाहिदीन के अड्डे पर हमला करना चाहा लेकिन हमने उनके हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया और उनमें आग लग गई। 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में तालिबान के हमलों के साल बाद भी लगभग 13000 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में तैनात हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को वापस लेने के लिए उत्सुकता दिखाई है लेकिन संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले ने इस महीने अमेरिकी मीडिया को बताया कि अमेरिकी बलों के कई और वर्षों तक बने रहने की संभावना है।