अमेरिका की चेतावनी, विश्व अर्थव्यवस्था को चुनौती देने की चीन को चुकानी होगी कीमत

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अमेरिका की चेतावनी, विश्व अर्थव्यवस्था को चुनौती देने की चीन को चुकानी होगी कीमत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) वैश्विक महामारी के लिए चीन को दोष देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने कहा कि उसने अपने पास उपलब्ध सूचना साझा न कर वैश्विक तथा अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए “बड़ी चुनौती” उत्पन्न की है और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को इसकी “कीमत चुकानी होगी।”  पोंपियो ने यह भी कहा कि अमेरिका चीन से असली कोरोना वायरस का नमूना हासिल करने का प्रयास कर रहा है, क्योंकि संक्रमण को लेकर कई प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं।

Americas Warning China Will Have To Pay The Price To Challenge The World Economy :

वैश्विक आर्थिक व्यवस्था बर्बाद हो गई

पोम्पियो ने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था बर्बाद हो गई। उन्होंने कहा, ‘कूटनीतिक तौर पर हम दुनियाभर के देशों से बात कर रहे हैं, सही कदम उठाने में, अर्थव्यवस्थाओं को फिर से खोलने में और यह सुनिश्चित करने में मदद कर रहे हैं कि सही समय आने पर अंतरराष्ट्रीय यात्राएं शुरू की जा सकें ताकि वैश्विक व्यापार शुरू हो सके।’

चीन को थी जानकारी

पोम्पियो ने कहा, ‘हम उन देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि उन्हें समझा सकें इस वायरस की उत्पत्ति चीन के वुहान में हुई और चीन की सरकार को इसके बारे में दिसंबर 2019 में निश्चित ही जानकारी थी, और एक राष्ट्र के रूप में वे अपने बुनियादी कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे। यही नहीं, वे विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों का पालन करने में भी विफल रहे और उसके बाद इस सब को छिपाने के लिए उन्होंने बहुत कुछ किया।’

विश्व स्वास्थ्य संगठन भी असफल

उन्होंने आरोप लगाया कि विश्व की इस महामारी से रक्षा करने के अपने मिशन में विश्व स्वास्थ्य संगठन भी असफल रहा है। इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने एनपीआर को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘वायरस कहां से आया यह बताने की जिम्मेदारी चीन की है। लेकिन वुहान में एक प्रयोगशाला है जहां इस तरह के वायरस पर काम होता है। हम यह जानना चाहते हैं कि क्या यह वहां से निकला, शायद दुर्घटनावश ही।’

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) वैश्विक महामारी के लिए चीन को दोष देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike Pompeo) ने कहा कि उसने अपने पास उपलब्ध सूचना साझा न कर वैश्विक तथा अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए “बड़ी चुनौती” उत्पन्न की है और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी को इसकी “कीमत चुकानी होगी।”  पोंपियो ने यह भी कहा कि अमेरिका चीन से असली कोरोना वायरस का नमूना हासिल करने का प्रयास कर रहा है, क्योंकि संक्रमण को लेकर कई प्रश्न अब भी अनुत्तरित हैं। वैश्विक आर्थिक व्यवस्था बर्बाद हो गई पोम्पियो ने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था बर्बाद हो गई। उन्होंने कहा, 'कूटनीतिक तौर पर हम दुनियाभर के देशों से बात कर रहे हैं, सही कदम उठाने में, अर्थव्यवस्थाओं को फिर से खोलने में और यह सुनिश्चित करने में मदद कर रहे हैं कि सही समय आने पर अंतरराष्ट्रीय यात्राएं शुरू की जा सकें ताकि वैश्विक व्यापार शुरू हो सके।' चीन को थी जानकारी पोम्पियो ने कहा, 'हम उन देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि उन्हें समझा सकें इस वायरस की उत्पत्ति चीन के वुहान में हुई और चीन की सरकार को इसके बारे में दिसंबर 2019 में निश्चित ही जानकारी थी, और एक राष्ट्र के रूप में वे अपने बुनियादी कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे। यही नहीं, वे विश्व स्वास्थ्य संगठन के अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों का पालन करने में भी विफल रहे और उसके बाद इस सब को छिपाने के लिए उन्होंने बहुत कुछ किया।' विश्व स्वास्थ्य संगठन भी असफल उन्होंने आरोप लगाया कि विश्व की इस महामारी से रक्षा करने के अपने मिशन में विश्व स्वास्थ्य संगठन भी असफल रहा है। इस बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने एनपीआर को दिए साक्षात्कार में कहा, 'वायरस कहां से आया यह बताने की जिम्मेदारी चीन की है। लेकिन वुहान में एक प्रयोगशाला है जहां इस तरह के वायरस पर काम होता है। हम यह जानना चाहते हैं कि क्या यह वहां से निकला, शायद दुर्घटनावश ही।'