ये हैं साहब, हाथ में मोबाइल टेबल पर पैर और आसमान पर मिजाज, यकीन ना हो तो देखें तस्वीरें

amethi news
ये हैं साहब, हाथ में मोबाइल टेबल पर पैर और आसमान पर मिजाज, यकीन ना हो तो देखें तस्वीरें

Amethi Bank Reality Check

अमेठी: बैंक में बाबू मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं और लोग कतार में लगे रहते हैं, जहां हाकिम से लेकर कर्मियों का लेट लतीफ कार्यालय में पहुंचना नियति बन चुका है। कार्यालय का संचालन तब और कठिन हो जाता है, जब हाकिम कार्यालय से नदारद रहते हैं इसका नजारा हमारे द्वारा चलाये जा रहे ऑन द स्पॉट अभियान के तहत दिखा। पहले तो में काफी देर तक ग्राहक काउंटर पर खड़े होकर बाबू का इंतजार करते रहे फिर काफी देर के बाद जब बाबू के कुर्सी पर बैठने के बाद में क्या हुआ हमारी टीम ने उन गतिविधियों को कैमरे में कैद करते हुए असल तस्वीर।

बाबू मोबाइल पर व्यस्त, लोग कतार में त्रस्त-

amethi news
अमेठी बैंक

अमेठी के शुकुलबाज़ार में कार्पोशन बैंक की शाखा में तैनात मैनेजर व अन्य कर्मचारियों की लापरवाही से ग्राहक परेशान हैं आरोप है बैंक कर्मी रोजाना देर से कार्यालय पहुंचते है और बैंक स्टाफ काफी देर तक इधर उधर घूमते रहते हैं और काफी देर बाद बैंक में ग्राहकों की गुहार सुनी जाती है। यदि वह समय से बैंक खोलकर लोगों के काम करने लगें तो जल्दी काम होने के साथ बैंक कर्मियों व ग्राहकों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा दोपहर के बाद भी कछुआ गति से काम करते हैं कुछ देर बाद फिर से मोबाइल में व्यस्त हो जाते हैं इसके चलते ग्राहकों को अपना काम करवाने के लिए वहां घंटों इंतजार करना पड़ता है। जब कोई ग्राहक धन निकालने या जमा करने के लिए जल्दी करने को कहता है तो बैंक कर्मी सर्वर खराब होने की बात कह जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं।

ये हैं साहब, टेबल पर पैर और आसमान पर मिजाज-

amethi news

देखिए साहब को, साहब हैं जो चाहे कर सकते हैं, काम कर रहे हैं क्या यही कम है ? टेबल पर पैर चढ़ाकर काम करते हुए ये साहब मुसाफिरखाना ब्लॉक के कर्मी है और मनरेगा कक्ष में ड्यूटी पर है कार्यालय में कार्य निष्पादन की स्थिति से ऐसा प्रतीत होता है कि यहां बहुत अधिक कार्य भी नहीं है तभी तो कार्यालय में उपस्थित कर्मी भी कार्यालय में बातचीत व अखबार पढ़कर टेबल पर पैर पर पैर व्यतीत करते हैं।

रिपोर्ट- राम मिश्रा/अखिलेश शुक्ला

अमेठी: बैंक में बाबू मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं और लोग कतार में लगे रहते हैं, जहां हाकिम से लेकर कर्मियों का लेट लतीफ कार्यालय में पहुंचना नियति बन चुका है। कार्यालय का संचालन तब और कठिन हो जाता है, जब हाकिम कार्यालय से नदारद रहते हैं इसका नजारा हमारे द्वारा चलाये जा रहे ऑन द स्पॉट अभियान के तहत दिखा। पहले तो में काफी देर तक ग्राहक काउंटर पर खड़े होकर बाबू का इंतजार करते रहे फिर काफी देर…