तालाबों के जीर्णाेद्धार के लिये तपती धूप में इस महिला कलेक्टर ने चलाया फावड़ा

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अमेठी जिलाधिकारी शकुंतला गौतम

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अमेठी: जल ही जीवन है और जल संरक्षण बहुत जरुरी है वैदिक युग से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक युग में भी जल संरक्षण के महत्व को नजर अंदाज नहीं किया गया है क्योंकि मानव जीवन का आधार स्तंभ जल ही है जो मनुष्य के अस्तित्व को बचाए हुये है। भू-गर्भीय जल को मानव सहित अन्य जीवों के लिए शुद्ध पेयजल माना गया है। साथ ही सतही जल को संरक्षित कर भू-गर्भीय जलस्तर के बीच परस्पर तालमेल बनाकर उसे भू-गर्भ के उपरी स्तर पर विद्यमान रखा जा सकता है जल संरक्षण से जीवन सहित वनस्पतियों को भी बचाया जा सकता है जमीन पर कुंआ, तालाब, पोखर और आहरों में बारिस के जल संग्रहित कर रखा जा सकता है उक्त बातें मंगलवार को जिलाधिकारी अमेठी शकुंतला गौतम ने जल संचयन व संरक्षण के लिए तालाबो की खुदाई एवं जीर्णोद्धार के महाअभियान के आगाज पर कही।

नियुक्त हुए नोडल अधिकारी –

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मंगलवार को जिलाधिकारी  ने तालाबों के जीर्णाेद्धार के लिये महाअभियान का आगाज किया उन्होंने तपती धूप में एक तालाब में फावड़े चलाये तो उन्हें देखते ही अधिकारी और अन्य लोग भी फावड़े लेकर तालाब की खुदाई में जुट गये जिले में जल संचयन व संरक्षण के लिये 251 तालाबों को चिन्हित कर एक साथ तालाबों की खुदाई कराने का आदेश दिया गया। इसके लिए विकास खण्डवार 49 अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जिसके बाद अब नोडल अधिकारी निगरानी में ही तालाबों की खुदाई की जायेगी।

तपती धूप में चलाए फावड़े-

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अमेठी जिलाधिकारी शकुंतला गौतम

मनरेगा के तहत होने वाले इस कार्य के लिये विधिवत कार्ययोजना तैयार की गई है। जिले के मुसाफिरखाना ब्लाक के दादरा गांव में मंगलवार को जिलाधिकारी अमेठी शकुन्तला गौतम ने फावड़ा चलाकर इस महाअभियान का आगाज किया उन्होंने तपती धूम की कोई परवाह किये बिना ही सूखे पड़े तालाब में फावड़ा चलाने लगी जिलाधिकारी के साथ ही कई अधिकारी और गांव के लोग भी फावड़ा चलाने लगे यही नही जिलाधिकारी अमेठी शकुन्तला गौतम ने पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रमीणों को प्रेरित भी किया।

इनकी रही मौजूदगी-

उक्त मौके पर उपजिलाधिकारी मुसाफिरखना अभय कुमार पाण्डेय, परियोजना निदेशक साहित्य प्रकाश मिश्र,एडीओ पंचायत राम जी मिश्र समाजसेवी राजेंद्र शर्मा सहित कई अधिकारी गण व सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे।

रिपोर्ट-राम मिश्रा

अमेठी: जल ही जीवन है और जल संरक्षण बहुत जरुरी है वैदिक युग से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक युग में भी जल संरक्षण के महत्व को नजर अंदाज नहीं किया गया है क्योंकि मानव जीवन का आधार स्तंभ जल ही है जो मनुष्य के अस्तित्व को बचाए हुये है। भू-गर्भीय जल को मानव सहित अन्य जीवों के लिए शुद्ध पेयजल माना गया है। साथ ही सतही जल को संरक्षित कर भू-गर्भीय जलस्तर के बीच परस्पर तालमेल बनाकर उसे भू-गर्भ के उपरी…