झूठ निकला राहुल और स्मृति ईरानी के विकास का दावा, किसान ने की आत्महत्या

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झूठ निकला राहुल और स्मृति ईरानी के विकास का दावा, किसान ने की आत्महत्या

अमेठी: केंद्र या राज्य सरकार गरीबी उन्मूलन से संबंधित कई योजनायें संचालित कर रही है। गरीबों के नाम पर पानी की तरह रुपया बहाया जा रहा है, लेकिन सरकार की नीति और नियत में अंतर होने के कारण आर्थिक तंगी से कई गरीब या तो दम तोड़ दे रहे है या आत्महत्या करने पर विवश है।

Amethi Jhuth Nikla Rahul Smriti Irani Ka Dawa :

क्या है पूरा प्रकरण-

घटना शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के गंज गड़ौली महोना गांव की है गांव निवासी अयोध्या पासी (65) पुत्र मोहन पासी रविवार सुबह करीब 4 बजे शौच के लिए घर से निकला था। कुछ घण्टे बाद ही उसका शव गांव के बाहर स्थित बाग में एक पेड़ से रस्सी के सहारे लटकता मिला। यह सूचना गांव में तेजी के साथ फैली बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ ही परिवारीजन भी मौके पर पहुंचे। वारदात की सूचना पुलिस को दी गई। ततपश्चात पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिवारीजन जहां स्तब्ध हैं,वहीं ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल गर्म है।

Pardaphash.Com टीम ने सुना दर्द-

Pardaphash.Com टीम ने गंज गड़ौली गांव पहुंचकर परिजनों के दु:ख दर्द को सुना। इस दौरान यहां बैठे परिवारजन और ग्रामीण अब केवल सरकारी सहायता की ओर से आस लगाए है। परिवारजनों व ग्रामीणों ने इस दु:ख से उबरने के लिए पीडि़त परिवार को राज्य सरकार से सहायता राशि दिलाने और आर्थिक मदद करने की मांग की है।

सबसे बड़ा सवाल-

ऐसे में अहम सवाल उठता है कि आखिर देश के किसान आत्महत्या पर क्यों उतारू हो रहे हैं? उन के दर्द और परेशानियों को आजादी के दशकों बाद तक दूर नहीं कर पाना हमारी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक नीतियों पर सवालिया निशान लगाता है।

इनका कहना है-

उधर एसओ शुकुल बाजार शिवाकांत पाण्डेय का कहना है आर्थिक तंगी की वजह से फांसी लगाकर आत्महत्या की बात सामने आ रही है पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है फिलहाल पुलिस मामले में एहतियातन पड़ताल कर रही है।

रिपोर्ट- राम मिश्रा

अमेठी: केंद्र या राज्य सरकार गरीबी उन्मूलन से संबंधित कई योजनायें संचालित कर रही है। गरीबों के नाम पर पानी की तरह रुपया बहाया जा रहा है, लेकिन सरकार की नीति और नियत में अंतर होने के कारण आर्थिक तंगी से कई गरीब या तो दम तोड़ दे रहे है या आत्महत्या करने पर विवश है।

क्या है पूरा प्रकरण-

घटना शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के गंज गड़ौली महोना गांव की है गांव निवासी अयोध्या पासी (65) पुत्र मोहन पासी रविवार सुबह करीब 4 बजे शौच के लिए घर से निकला था। कुछ घण्टे बाद ही उसका शव गांव के बाहर स्थित बाग में एक पेड़ से रस्सी के सहारे लटकता मिला। यह सूचना गांव में तेजी के साथ फैली बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ ही परिवारीजन भी मौके पर पहुंचे। वारदात की सूचना पुलिस को दी गई। ततपश्चात पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से परिवारीजन जहां स्तब्ध हैं,वहीं ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल गर्म है।

Pardaphash.Com टीम ने सुना दर्द-

Pardaphash.Com टीम ने गंज गड़ौली गांव पहुंचकर परिजनों के दु:ख दर्द को सुना। इस दौरान यहां बैठे परिवारजन और ग्रामीण अब केवल सरकारी सहायता की ओर से आस लगाए है। परिवारजनों व ग्रामीणों ने इस दु:ख से उबरने के लिए पीडि़त परिवार को राज्य सरकार से सहायता राशि दिलाने और आर्थिक मदद करने की मांग की है।

सबसे बड़ा सवाल-

ऐसे में अहम सवाल उठता है कि आखिर देश के किसान आत्महत्या पर क्यों उतारू हो रहे हैं? उन के दर्द और परेशानियों को आजादी के दशकों बाद तक दूर नहीं कर पाना हमारी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक नीतियों पर सवालिया निशान लगाता है।

इनका कहना है-

उधर एसओ शुकुल बाजार शिवाकांत पाण्डेय का कहना है आर्थिक तंगी की वजह से फांसी लगाकर आत्महत्या की बात सामने आ रही है पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है फिलहाल पुलिस मामले में एहतियातन पड़ताल कर रही है।रिपोर्ट- राम मिश्रा