अमेरिका में उठी पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने मांग

नई दिल्ली। क्या पाकिस्तान को आतंकवाद समर्थक देश घोषित करना चाहिए? इस विषय को लेकर अमेरिका के व्हाइट हाउस की आधिकारिक वेबसाइट ने अमेरिकी लोगों की राय जानने के लिए सर्वे करवाया था। 21 सितंबर को शुरू हुए इस सर्वे के तहत अमेरिकी सरकार ने एक लाख अमेरिकी नागरिकों की रॉय जाननी चाही थी। यह सर्वे इतनी तेजी से बायरल हुआ कि अब तक इस सर्वे के लिए करीब 6.61 लाख लोग अपनी रॉय दे चुके हैं।

नियमानुसान अमेरिकी संसद में यदि कोई सांसद किसी प्रस्ताव को पारित करवाना चाहता है तो उसे सबसे पहले व्हाइट हाउस की आॅफिसियल वेबसाइट के माध्यम से प्रस्ताव पर अमेरिकी जनता की रॉय लेनी होती है। प्रस्ताव पर जनता की रॉय लेने के लिए 30 दिनों का समय ​निर्धारित है यदि इस समयावधि में ​प्रस्ताव पर एक लाख लोग हस्ताक्षर करते हैं, तो अमेरिकी सरकार 60 दिनों के भीतर प्रस्ताव पर कर्रवाई करती है।




अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस सर्वे को हाल ही में हुए सर्वेज में सबसे ज्यादा लोगों ने हस्ताक्षरित किया है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षरों की संख्या 10 लाख से पार कर जाएगी।

आपको बता दें कि अमेरिकी संसद की आतंकवाद को लेकर गठित एक कमिटी की शीर्ष सदस्य दोनों दलों के सांसदों ने इस ​पाकिस्तान को आतंकवाद समर्थक देश घोषित करने के लिए इस प्रस्ताव को पेश किया था। जिसके लिए 21 सितंबर से आॅनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू हुआ था। इस प्रस्ताव को लाने वाले दो सांसद में रिपब्लिकन पार्टी के सांसद टेड पोए और डैमोक्रेटिक फ्रंट के सांसद डाना रोहरार्बेशर हैं।

बताया जा रहा है कि 18 सितंबर को कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले की घटना ने जिस तरह से दुनिया भर कर ध्यान अपनी ओर खींचा और वैश्विक परिदृश्य पर भारतीय सरकार ने जिस तरह से पाकिस्तान जनित आतंकवाद को बेपर्दा किया। उसके बाद ही अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था। इसी दौरान भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जिस तरह से पुरूजोर ताकत के साथ संयुक्त राष्ट्र के सामने आतंकवाद की समस्या और विश्व में आतंकवाद को समर्थन देने में पाकिस्तान की भूमिका को पेश किया उससे अमेरिकी जनता में पाकिस्तान के खिलाफ इस प्रस्ताव पर एक रॉय बनी है।




उम्मीद की जा रही है कि अमेरिकी सरकार पाकिस्तान को आतंकवाद समर्थक देश घोषित कर सकती है। जिसके बाद अमेरिका से पाकिस्तान को मिलने वाली लाखों करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद को रोक दिया जाएगा। अमेरिकी संसद में पेश किए गए प्रस्ताव में भी ​स्पष्ट रूप से कहा ​गया है कि पाकिस्तान अमेरिकी आर्थिक मदद का प्रयोग आतंकवादी ताकतों को बढ़ावा देने में कर रहा है, विश्व की बेहतरी के लिए आवश्यक है ​कि पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक मदद को तुरंत रोक दिया जाए और पाकिस्तान का राजनीतिक रूप से बहिष्कार किया जाए।