बाबा साहब के अपमान के विरोध में अमित शाह पहुंचे लखनऊ

लखनऊ। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे और उन्होंने पूर्व सांसद जुगुल किशोर के नेतृत्व में आयोजित की गई मानवता सदभावना समारोह में आए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। यह कार्यक्रम यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री आजम खां द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहब डा0 भीमराव अंबेडकर को भूमाफिया कहे जाने के खिलाफ रखा गया था। कार्यक्रम के लिए पार्टी ने बाबा साहब के सम्मान में भाजपा मैदान में का नारा दिया।

कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए जुगुल किशोर ने यूपी सरकार को पूरे दलित समाज की ओर से बाबा साहब अंबेडकर पर टिप्पणी करने वाले आजम खां को तुरंत बर्खास्त करने और कठोर कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने अब तक के कार्यकाल में दलितों के लिए जो काम कर दिए हैं वो मायावती आज तक नहीं कर पाईं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव में दलित समाज बीजेपी को चुनेगा।

जिसके बाद कार्यक्रम में मौजूद रहे यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या भी बाबा साहब के अपमान के बाद चुप्पी साधे बैठी यूपी सरकार और देर से प्रतिक्रिया देकर शांत हो गई खुद को दलितों की देवी कहने वाली मायावती पर हमला बोला। इसके साथ ही उन्होंने ताबड़ तोड़ चुनावी रैलियां कर रहीं मायावती की रैलियों को फ्लाप शो करार देते हुए कहा कि बुआ को ये नहीं मालूम कि 2017 का यूपी विधानसभा चुनाव भतीजे सीएम अखिलेश के 5 साल के हिसाब पर लड़ा जाएगा, और वे अपने हर भाषण में सवा दो साल की केन्द्र सरकार का हिसाब मांगती नजर आतीं हैं।

इस कार्यक्रम समापन में अमित शाह ने उन्हें सुनने आए बीजेपी के दलित समर्थकों को बताया कि उनकी पार्टी के नेतृत्व में चल रही केन्द्र सरकार अभी तक के कार्यकाल में केवल गरीबों और कमजोरों के ही हाथ मजबूत करने का काम करती आई है, जो आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने इसके बाद दलितों को लेकर शुरू की गई केन्द्र सरकार की योजनाओं को गिनाया और उसके बाद बाबा साहब अंबेडकर से जुड़े स्थलों के विकास के लिए केन्द्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए अपनी सरकार की पीठ थपथपाई। उन्होंने भरोसा जताया कि यूपी की जनता सर्वसमाज के विकास के लिए आगामी विधानसभा चुनावों में बीजेपी में अपना भरोसा जताएगी।

शाह के संबोधन के बाद बीएसपी छोड़कर आए कुछ बागी नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की जिनमें दो दिन पहले ही बीएसपी छोड़ने वाले पूर्व राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त अशीष शुक्ला और उनके सैकड़ों समर्थक भी शामिल रहे।