लखनऊ में बोले अमित शाह- नागरिकता संशोधन कानून किसी कीमत पर वापस नहीं होगा

Amit shah
लखनऊ में बोले अमित शाह- नागरिकता संशोधन कानून किसी कीमत पर वापस नहीं होगा

लखनऊ। गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सीएए के समर्थन में लखनऊ में हुंकार भरी। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं आज डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसको विरोध करना है करे, सीएए वापस नहीं होने वाला है। इस कानून को लेकर देश को गुमराह किया जा रहा है। आज विपक्ष नागरिकता कानून का विरोध कर रहा है। यह सिर्फ एक दुष्प्रचार है। इससे किसी को नागरिकता नहीं जाएगी।

Amit Shah Said In Lucknow Citizenship Amendment Act Will Not Be Returned At Any Cost :

गृहमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सीएए लेकर आए हैं। कांग्रेस, ममता बनर्जी, अखिलेश, मायावती, केजरीवाल सभी इस बिल के खिलाफ भ्रम फैला रहे हैं। इस बिल को लोकसभा में मैंने पेश किया है। मैं विपक्षियों से कहना चाहता हूं कि आप इस बिल पर सार्वजनिक रूप से चर्चा कर लो। ये अगर किसी भी व्यक्ति की नागरिकता ले सकता है, तो उसे साबित करके दिखाओ।

अमित शाह ने कहा कि जब देश आजाद हुआ, कांग्रेस के पाप के कारण धर्म के आधार पर भारत मां के दो टुकड़े हो गए। 16 जुलाई 1947 को कांग्रेस पार्टी ने प्रस्ताव करके धर्म के आधार पर विभाजन को स्वीकार किया। नरेन्द्र मोदी ने वर्षों से प्रताड़ित लोगों को उनके जीवन का नया अध्याय शुरू करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि मैं आज डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसको विरोध करना है करे, सीएए वापस नहीं होने वाला है।

अमित शाह ने कहा कि मैं वोट बैंक के लोभी नेताओं को कहना चाहता हूं, आप इनके कैंप में जाइए, कल तक जो सौ-सौ हेक्टेयर के मालिक थे वे आज एक छोटी सी झोपड़ी में परिवार के साथ भीख मांगकर गुजारा कर रहे। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के पाप के कारण धर्म के आधार पर भारत के दो टुकड़े हुए। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की संख्या कम होती रही। आखिर कहां गए ये लोग? कुछ लोग मार दिए गए, कुछ का जबरन धर्म परिवर्तन किया गया। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने 1947 में कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू, सिख भारत आ सकते हैं। उन्हें नागरिकता देना, गौरव देना, भारत सरकार का कर्तव्य होना चाहिए।

लखनऊ। गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को सीएए के समर्थन में लखनऊ में हुंकार भरी। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं आज डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसको विरोध करना है करे, सीएए वापस नहीं होने वाला है। इस कानून को लेकर देश को गुमराह किया जा रहा है। आज विपक्ष नागरिकता कानून का विरोध कर रहा है। यह सिर्फ एक दुष्प्रचार है। इससे किसी को नागरिकता नहीं जाएगी। गृहमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सीएए लेकर आए हैं। कांग्रेस, ममता बनर्जी, अखिलेश, मायावती, केजरीवाल सभी इस बिल के खिलाफ भ्रम फैला रहे हैं। इस बिल को लोकसभा में मैंने पेश किया है। मैं विपक्षियों से कहना चाहता हूं कि आप इस बिल पर सार्वजनिक रूप से चर्चा कर लो। ये अगर किसी भी व्यक्ति की नागरिकता ले सकता है, तो उसे साबित करके दिखाओ। अमित शाह ने कहा कि जब देश आजाद हुआ, कांग्रेस के पाप के कारण धर्म के आधार पर भारत मां के दो टुकड़े हो गए। 16 जुलाई 1947 को कांग्रेस पार्टी ने प्रस्ताव करके धर्म के आधार पर विभाजन को स्वीकार किया। नरेन्द्र मोदी ने वर्षों से प्रताड़ित लोगों को उनके जीवन का नया अध्याय शुरू करने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि मैं आज डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसको विरोध करना है करे, सीएए वापस नहीं होने वाला है। अमित शाह ने कहा कि मैं वोट बैंक के लोभी नेताओं को कहना चाहता हूं, आप इनके कैंप में जाइए, कल तक जो सौ-सौ हेक्टेयर के मालिक थे वे आज एक छोटी सी झोपड़ी में परिवार के साथ भीख मांगकर गुजारा कर रहे। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के पाप के कारण धर्म के आधार पर भारत के दो टुकड़े हुए। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की संख्या कम होती रही। आखिर कहां गए ये लोग? कुछ लोग मार दिए गए, कुछ का जबरन धर्म परिवर्तन किया गया। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने 1947 में कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू, सिख भारत आ सकते हैं। उन्हें नागरिकता देना, गौरव देना, भारत सरकार का कर्तव्य होना चाहिए।