राहुल की टिप्पड़ी पर शाह का जवाब- ‘आंख मारने से फुर्सत मिले तो तथ्य जांच लें’

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राहुल की टिप्पड़ी पर शाह का जवाब- 'आंख मारने से फुर्सत मिले तो तथ्य जांच लें'

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को तथ्यों को जांचने की सलाह देते हुए पार्टी पर दलितों के साथ दयाभाव व उन्हें कमतर दिखाने जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया। अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, “राहुलजी, जब आप को आंख मारने व संसद को बाधित करने से फुर्सत मिले तो तथ्य जांच लें। राजग सरकार ने अपने कैबिनेट फैसले व संसद के जरिए अधिनियम में संशोधन कर इसे मजबूत किया है। फिर आप इसका विरोध क्यों कर रहे हैं।”

Amit Shah Slams Congress President Rahul Gandhi Dalit Politics :

बता दें कि राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वंचितों के खिलाफ अत्याचार रोकने वाले अधिनियम को कमजोर करने वाले न्यायाधीश के पुनर्नियोजन्से सरकार की दलित विरोधी मानसिकता जाहिर हुई है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के दिल में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है।

अमित शाह ने कहा, अच्छा होता अगर कांग्रेस अध्यक्ष अपनी पार्टी द्वारा डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम व सीताराम केसरी के साथ किए गए व्यवहार के बारे में बोलते। कांग्रेस का दलितों के साथ व्यवहार का तरीका दयाभाव जैसा और उन्हें कमतर दिखाने वाला रहा है। सालों से कांग्रेस ने दलित आकांक्षाओं का अपमान किया है।

सर्वोच्च न्यायालय ने 20 मार्च के अपने आदेश में एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने से पहले कड़े सुरक्षा उपाय निर्धारित किए थे। इसमें प्रारंभिक जांच व अग्रिम जमानत के प्रावधान शामिल थे। अदालत ने ऐसा आदेश व्यक्तिगत व राजनीतिक कारणों से अधिनियम के दुरुपयोग के उदाहरणों का हवाला देते हुए दिया था।

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को तथ्यों को जांचने की सलाह देते हुए पार्टी पर दलितों के साथ दयाभाव व उन्हें कमतर दिखाने जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया। अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, "राहुलजी, जब आप को आंख मारने व संसद को बाधित करने से फुर्सत मिले तो तथ्य जांच लें। राजग सरकार ने अपने कैबिनेट फैसले व संसद के जरिए अधिनियम में संशोधन कर इसे मजबूत किया है। फिर आप इसका विरोध क्यों कर रहे हैं।"बता दें कि राहुल गांधी ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वंचितों के खिलाफ अत्याचार रोकने वाले अधिनियम को कमजोर करने वाले न्यायाधीश के पुनर्नियोजन्से सरकार की दलित विरोधी मानसिकता जाहिर हुई है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के दिल में दलितों के लिए कोई जगह नहीं है।अमित शाह ने कहा, अच्छा होता अगर कांग्रेस अध्यक्ष अपनी पार्टी द्वारा डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम व सीताराम केसरी के साथ किए गए व्यवहार के बारे में बोलते। कांग्रेस का दलितों के साथ व्यवहार का तरीका दयाभाव जैसा और उन्हें कमतर दिखाने वाला रहा है। सालों से कांग्रेस ने दलित आकांक्षाओं का अपमान किया है।सर्वोच्च न्यायालय ने 20 मार्च के अपने आदेश में एससी/एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने से पहले कड़े सुरक्षा उपाय निर्धारित किए थे। इसमें प्रारंभिक जांच व अग्रिम जमानत के प्रावधान शामिल थे। अदालत ने ऐसा आदेश व्यक्तिगत व राजनीतिक कारणों से अधिनियम के दुरुपयोग के उदाहरणों का हवाला देते हुए दिया था।