Amity University: तीन महीने में तीसरा हादसा, बीटेक छात्र की संदिग्ध मौत

नोएडा। नोएडा स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी(Amity University) के सेक्टर-125 में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थियों में मौत हो गयी। आपको बता दें कि एमिटी यूनिवर्सिटी पहले से ही कई ऐसे मामलों से विवादों में रही है, इससे पहले भी दो छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में कैंपस स्थित हॉस्टल में मौत हो चुकी है। इस बार जिस छात्र की मौत हुई, वह बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र था और यूनिवर्सिटी कैम्पस के हॉस्टल में रह कर पढ़ाई कर रहा था। बताया जा रहा है कि छात्र ने गुरुवार को हॉस्टल की पांचवी मंजिल से छलांग लगा कर सुसाइड कर लिया। इस मामले में छात्र के परिजनों ने एमिटी यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।




मृतक छात्र की पहचान उदित शंकर सिंह (19) पुत्र उमाशंकर सिंह निवासी जलपुरा टापा, भोजपुर बिहार के रूप में हुई है। मृतक के साथी छात्रों के मुताबिक वह काफी दिनों से परेशान था। आत्महत्या करने से पहले उदित क्लास अटेण्ड करने भी पहुंचा था और दोपहर करीब 1 बजे हॉस्टल वापस भी आ गया। करीब 2:30 बजे उसकी लाश वार्डेन फ्लैट कैम्पस के पास पड़ी मिली। बताया जा रहा है कि उसने पांचवे फ्लोर से छलांग लगाई है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि मृतक के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल अभी पुलिस मृतक छात्र के दोस्तों से पूछताछ कर रही है।




क्या कहती है पुलिस—

नोएडा एसपी सिटी दिनेश यादव का कहना है कि मौत के कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल अभी उदित के फोन की डीटेल खंगाली जा रही है, जिससे ये पता लगाया जा सके कि उसने घटना के पहले कितने लोगों से बात की है। कॉलेज स्तर पर जांच के लिए यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट कम्यूनिकेशन सविता मेहता ने बताया, इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यी कमेटी गठित की गई है। वहीं छात्र के पिता उमाशंकर सिंह ने थाना सेक्टर-39 में एमिटी यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।




तीन महीने में तीन संदिग्ध मौतें—

आपको बता दें कि अगस्त में सुशांत रोहिला नाम के लॉ स्टूडेंट ने सुसाइड किया था। सुशांत ने मौत के लिए अटेंडेंस शॉर्ट होने से परीक्षा में न बैठने का कारण बताया था। इसके लिए उसने एमिटी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन को भी ई-मेल कर मदद मांगी थी। मदद नहीं मिलने के बाद उसने ये कदम उठाया था। 5 नवंबर को कॉलेज के पीजीएफडीएम के छात्र पीसाई कृष्णा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला था जो कि तेलगू भाषा में था, जिसमें उसने मां-पापा को खुश रहने की बात कही थी। वहीं उदय शंकर का ये तीसरा मामला है।