अपोलो हॉस्पिटल के स्टॉफ को भावुक करने वाली यादें दे गईं अम्मा

नई दिल्ली। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद अंतिम समय तक उनका इलाज करने वाले चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर और नर्सों की टीम उन्हें याद करके भावुक हैं। हॉस्पिटल में उनकी देखरेख करने के लिए नियुक्त की गई 16 नर्सों की टीम का हिस्सा रहीं जयललिता की करीबी तीन नर्सों ने उनके साथ बिताए पलों को बेहद खास बताया। इन नर्सों का कहना है कि उन्होंने जयललिता का नाम किंग—कांग रखा था। वह तीनों के आने का इंतजार करतीं थीं। इतना ही नहीं इलाज के दौरान अपने शारीरिक कष्टों को झेलने के बावजूद वह अपने आस पास मौजूद रहने वाले लोगों की बीच दोस्ताना माहौल बनाने का प्रयास करतीं ​थीं। यही वजह रही जब जिस वक़्त अम्मा का निधन हुआ उनकी इलाज में लगी पूरी टीम शोकगुल हो गयी थी।




खाने पीने की बेहद शौकीन थी जयललिता

शिला नाम की नर्स भावुक अंदाज में बताती है की अम्मा खाने की बहुत शौकीन थी वह अपने रसोइये के हाथ का बना हुआ खाना ही खाना पसंद करतीं थी, उनकी पसन्दीदा चीजें पोंगल, उपमा, कर्ड राइस और पोटेटो करी थी, वह इलाज के दौरान खाने की ईच्छा न होते हुए भी वह एक चम्मच अपने लिए और एक—एक चम्मच सभी नर्सो के लिए खाती थी। ख़राब स्वास्थ होने के बावजूद वह नर्सों का दिल रखने के लिए कुछ न कुछ खाने का प्रयास करतीं थीं।




मेडिकल निदेशक डॉ.सत्यभामा कहते हैं कि कि वह महिलाओं को हमेशा यह सलाह देती थी कि उन्हें अपने लिए भी समय निकालना चाहिए। उनका इलाज करने वाली टीम का हिस्सा रहे डॉक्टर रमेश वेंकटरमण बताते हैं कि अम्मा ने उन्हें बताया था कि अपोलो हॉस्पिटल की कॉफी उन्हें बिलकुल भी पसंद नहीं। बेहतर चाय पिलाने का वादा करते हुए उन्होंने पूरी टीम को अपने घर बुलाकर कोडाइनाडु की सबसे अच्छी चाय पिलाने की बात कही थी। वह याद करते हुए बताते हैं कि जब भी हॉस्पिटल स्टाफ अम्मा के साथ होता था तब उनका चेहरा मु​स्कराहट लिए ही दिखता ​था। शिला बताती है की अम्मा की पसन्दीदा नर्सो में शीला,एम वी रेनुका और समुंदेश्वरी से विशेष लगाव था। वह इन तीनों के ड्यूटी पर आने का इंतजार किया करतीं थीं। उन्होंने इन तीनों से तमिलनाडु की विधानसभा घुमाने का वादा भी किया था।

अपोलो स्टॉफ का कहना है कि अम्मा के अंतिम संस्कार के बाद विशेष श्रद्धांजलि सभा रखी गयी| जिसमें हॉस्पिटल के डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारियों ने जयललिता से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। स्टाफ के अनुसार वह मजाकिया मूड में कभी—कभी रहती थी, लेकिन अधिकतर वक्त सहयोग करती थीं। 75 दिनों के समय में वह कभी-कभी ही मुश्किल में नजर आईं। इस अंदाज में अम्मा अस्पताल में बॉस थीं।

हॉस्पिटल स्टाफ को देती रहतीं थी लाइफस्टाइल के टिप्स

एक अभिनेत्री के तौर पर अपने बनने बनाए करियर और छवि को छोड़कर राजनीति में आई जयललिता को लाइफस्टाइल टिप्स देना का भी शौक था। बैड पर रहते हुए भी वह अपना इलाज करने वाले डाक्टरों को बेहतर हेयरस्टाइल अपनाने की सलाह देतीं थीं, तो कभी नर्सों को सजने संवरने और त्वचा की देखभाल करने के टिप्स भी दे डालती थीं।



बीमारी के दौरान भी ​राज्य के राजनीति हालात पर रही नजर

22 सितंबर को फेफड़ों में संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती हुई जयललिता की नजर नवंबर के महीने में तमिलनाडु में तीन सीटों पर हुए हुए उपचुनावों पर अपनी नजर बनाए रखी। उनकी पार्टी को चुनाव परिणामों के साथ जब तंजावुर, अर्वाकुरूछी और थिरूपारनकुंद्रम की तीनों सीटों पर जीत मिली तो वह टीवी पर यह खबर देखकर बेहद खुश नजर आईं। डॉ. ब्रह्मा कि टीवी पर अपनी पार्टी की जीत की खबर देखकर वह मुस्करा रहीं थीं।