दोबारा विवाह के बंधन में बंधे अमनमणि त्रिपाठी, ओनिश पांडेय संग लिए साथ फेरे

AMAN

महाराजगंज: महराजगंज के नौतनवा से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी मंगलवार को दोबारा विवाह के बंधन में बंधे। अमनमणि गोरखपुर के एक होटल में ओनिश पांडेय के साथ सात फेरे लेंगे। लॉकडाउन की वजह से विवाह में सिर्फ करीबी लोगों को ही बुलाया गया है। चर्चित मधुमिता शक्ला हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि पूर्व पत्नी की हत्या के बाद खबरों में आए थे।

Ammani Tripathi Tied In The Bond Of Marriage Again Accompanied By Onish Pandey :

अमनमणि त्रिपाठी पर अपनी पूर्व पत्नी सारा सिंह की हत्या का आरोप है। मामले की जांच सीबीआई ने की थी और फरवरी 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें अमनमणि को मुख्य आरोपी बनाया गया है। समाजवादी पार्टी की सरकार में सारा की मां को न्याय दिलाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव निष्पक्ष जांच की बात की थी।

हालांकि इस मामले में तब ट्विस्ट आया जब अखिलेश यादव के विरोध किए जाने के बाद भी समाजवादी पार्टी की तरफ से इनको नौतनवा सीट से विधानसभा का टिकट दे दिया गया। जब इसका विरोध शुरू हुआ तो एसपी ने दागी नेताओं को टिकट नहीं देने की बात करते हुए टिकट वापस ले लिया। निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद भी अमनमणि त्रिपाठी नौतनवा से जीत गए।

बीजेपी की प्रचंड लहर में भी बहनों ने दिलाई भाई को जीत
लंदन से लौटी अमर मणि त्रिपाठी की बेटी तनुश्री उस समय चर्चा में आईं जब 2017 में अपने भाई के चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतरीं। जनसम्पर्क बनाने के लिए महिलाओं से मिलीं। महिलाओं की समस्या और शिक्षा के मुद्दे पर फोकस करते हुए महिलाओं से जनसम्पर्क बनाते हुए घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार किया। यह बहनों का ही कमाल था कि परिवार के पुरुषों पर महिला के हत्या का आरोप होने के बाद भी अवाम ने अपना विधायक चुना। पहली पत्नी की हत्या के बाद खबरों में बने रहे अमनमणि पर इससे पहले भी जमीनी विवाद और रंगदारी को लेकर मुकदमा था।

महाराजगंज: महराजगंज के नौतनवा से निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी मंगलवार को दोबारा विवाह के बंधन में बंधे। अमनमणि गोरखपुर के एक होटल में ओनिश पांडेय के साथ सात फेरे लेंगे। लॉकडाउन की वजह से विवाह में सिर्फ करीबी लोगों को ही बुलाया गया है। चर्चित मधुमिता शक्ला हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि पूर्व पत्नी की हत्या के बाद खबरों में आए थे। अमनमणि त्रिपाठी पर अपनी पूर्व पत्नी सारा सिंह की हत्या का आरोप है। मामले की जांच सीबीआई ने की थी और फरवरी 2017 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी जिसमें अमनमणि को मुख्य आरोपी बनाया गया है। समाजवादी पार्टी की सरकार में सारा की मां को न्याय दिलाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव निष्पक्ष जांच की बात की थी। हालांकि इस मामले में तब ट्विस्ट आया जब अखिलेश यादव के विरोध किए जाने के बाद भी समाजवादी पार्टी की तरफ से इनको नौतनवा सीट से विधानसभा का टिकट दे दिया गया। जब इसका विरोध शुरू हुआ तो एसपी ने दागी नेताओं को टिकट नहीं देने की बात करते हुए टिकट वापस ले लिया। निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद भी अमनमणि त्रिपाठी नौतनवा से जीत गए। बीजेपी की प्रचंड लहर में भी बहनों ने दिलाई भाई को जीत लंदन से लौटी अमर मणि त्रिपाठी की बेटी तनुश्री उस समय चर्चा में आईं जब 2017 में अपने भाई के चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतरीं। जनसम्पर्क बनाने के लिए महिलाओं से मिलीं। महिलाओं की समस्या और शिक्षा के मुद्दे पर फोकस करते हुए महिलाओं से जनसम्पर्क बनाते हुए घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार किया। यह बहनों का ही कमाल था कि परिवार के पुरुषों पर महिला के हत्या का आरोप होने के बाद भी अवाम ने अपना विधायक चुना। पहली पत्नी की हत्या के बाद खबरों में बने रहे अमनमणि पर इससे पहले भी जमीनी विवाद और रंगदारी को लेकर मुकदमा था।