सुप्रीम कोर्ट से मिली आम्रपाली के खरीदारों को राहत, अधूरे प्रोजेक्ट को NBCC करेगा पूरा

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सुप्रीम कोर्ट से मिली आम्रपाली के खरीदारों को राहत, अधूरे प्रोजेक्ट को NBCC करेगा पूरा

नई दिल्ली। आम्रपाली ग्रुप पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट की इस कार्रवाई से घर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार फैसला सुनाते हुए आम्रपाली का रेरा रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इसके साथी आम्रपाली में घर खरीदने वालों केा बड़ी राहत देते हुए एनबीसीसी को यह निर्देश दिया है कि वह आम्रपाली की अटकी परियोजनाओं को पूरा करे।

Amrapali Buyers From Supreme Court Get Relief :

इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने​ निवेशकों को निर्देश दिया है कि वह अब पैसे एनबीसीसी का दें। कोर्ट ने अपने आदेश में ईडी को आम्रपाली द्वारा फंड में की गई गड़बड़ी की जांच करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर और अन्य निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज हो।

बता दें कि, नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकारणों के अधूरे प्रोजेक्ट पूरा करने में संसाधनों की कमी की बात कहकर हाथ खड़े कर दिये थे। इस मामले में शीर्ष अदालत ने 10 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। दोनों प्राधिकरणों ने घर खरीदारों के हितों को देखते हुए और सियासी दबाव के चलते आम्रपाली पर लीज एग्रीमेंट रद्द करने जैसी कोई कार्रवाई करने में खुद को लाचार बताया था।

नई दिल्ली। आम्रपाली ग्रुप पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट की इस कार्रवाई से घर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार फैसला सुनाते हुए आम्रपाली का रेरा रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इसके साथी आम्रपाली में घर खरीदने वालों केा बड़ी राहत देते हुए एनबीसीसी को यह निर्देश दिया है कि वह आम्रपाली की अटकी परियोजनाओं को पूरा करे। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने​ निवेशकों को निर्देश दिया है कि वह अब पैसे एनबीसीसी का दें। कोर्ट ने अपने आदेश में ईडी को आम्रपाली द्वारा फंड में की गई गड़बड़ी की जांच करने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि आम्रपाली के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर और अन्य निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज हो। बता दें कि, नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकारणों के अधूरे प्रोजेक्ट पूरा करने में संसाधनों की कमी की बात कहकर हाथ खड़े कर दिये थे। इस मामले में शीर्ष अदालत ने 10 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। दोनों प्राधिकरणों ने घर खरीदारों के हितों को देखते हुए और सियासी दबाव के चलते आम्रपाली पर लीज एग्रीमेंट रद्द करने जैसी कोई कार्रवाई करने में खुद को लाचार बताया था।