पंजाब: अमरिंदर सरकार के मंत्री पर लगा नौकर को बालू का खनन का पट्टा दिलाने का आरोप

चंडीगढ़। 2017 में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पंजाब में सरकार बनाने के साथ राहत की सांस ले रही कांग्रेस पार्टी के लिए बुरी खबर आ गई है। पंजाब की सत्ता पर काबिज हुए कांग्रेस को 100 दिन भी पूरे नहीं हुए, लेकिन सरकार के मंत्री राणा गुरजीत सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लग गए हैं। राणा पर उनकी सुगर मिल में रसोइये समेंत चार कर्मचारियों पर के नाम पर बालू खनन के पट्टे लेने के आरोप लगे हैं।




राणा गुरजीत सिंह पंजाब सरकार के विद्युत मंत्री हैं। अपने ऊपर लगे आरोपों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए राणा ने कहा है कि उन्होंने किसी प्रकार का कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है। जिन लोगों को उनकी कंपनी का कर्मचारी बताया जा रहा है वे सभी काफी समय पहले ही उनकी कंपनी छोड़ चुके हैं। उन्हें कैसे और क्यों खनन पट्टे मिले हैं इस बात की जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन वह इतना विश्वास के साथ कह सकते हैं कि उनकी कंपनी के किसी कर्मचारी या उनके किसी रिश्तेदार को उन्होंने फायदा नहीं पहुंचाया है। इसके साथ ही राणा का कहना है कि जिस सुगर मिल और उनकी कंपनी के कर्मचारियों के नामों को लेकर उन पर दवाब बनाने की कोशिश की जा रही है उस कंपनी से उनका नाम मात्र का लेना देना है। पिछले दो दशकों से अपने राजनीतिक करियर के चलते उन्होंने इस कंपनी के हिसाब किताब से दूरी बना रखी है।

वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी (आप) और सिरोमणि अकाली दल ने राणा के खिलाफ मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से जवाब मांगा है और मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की है। आप के नेता सुखपाल खैरा ने पंजाब सतर्कता निदेशालय में राणा के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।




पंजाब के अखबारों में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक राणा की सुगर मिल में बतौर रसो​इया नौकरी करने वाले अमित बहादुर के नाम पर 26 करोड़ से ज्यादा के बालू खनन पट्टे का आवंटन हुआ है। इतना बड़ा खनन पट्टा पाने वाले अमित बहादुर के बैंक खाते में मात्र 5 लाख रुपया होने का दावे के साथ मीडिया रिपोर्टस में कहा गया है कि अमित बहादुर के नाम से नवांगांव के सैदपुर खुर्द स्थित बालू खदान के लिए ई टें​डरिंग में 26 करोड़ 51 लाख की बोली लगाई गई। जिसके आधार पर शुक्रवार को अमित बहादुर को खनन पट्टा आवंटित कर दिया गया। ऐसा कहा जा रहा है कि बालू खनन का पट्टा हासिल करने के लिए राणा के करीबियों ने अपने विश्वासपात्र रसोइये के नाम का प्रयोग किया है।