बॉलीवुड के मोगैंबो का जन्मदिन आज, गूगल ने डूडल बनाकर किया याद

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मुम्बई। बालीवुड में खलनायक से लेकर प्यार करने वाले सख्त पिता जैसे किरदारों को बड़ी ही सहजता से निभा लेने वाले बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अमरीश पुरी का आज जन्मदिन है। अपनी दमदार आवाज और बड़ी-बड़ी आंखों से ही पूरी कहानी को बयां कर देने वाले अमरीश के जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है।

Amrish Puri Birthday Google Doodle On The His Birthday :

अमरीश पुरी का जन्म आज ही के दिन यानी 22 जून को हुआ था। वह भारतीय सिनेमा के सबसे खतरनाक विलेन में से एक हैं। कई दशक तक बॉलीवुड में अपने नाम का सिक्का चलाने वाले अमरीश की टक्कर का कोई विलेन आज भी बॉलीवुड में नहीं हैं।

आज उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को पंजाब राज्य के जालंधर में हुआ था। बेहतरीन आवाज के मालिक अमरीश को साल 1967 में उनकी पहली मराठी फिल्म शंततु! कोर्ट चालू आहे में काम मिला। इस फिल्म में उन्होंने एक अंधे व्यक्ति का किरदार निभाया किया था।

वहीं साल 1971 में रेशमा और शेरा से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। अमरीश की मुख्य फिल्मों में कुर्बानी, नसीब, हीरो, अंधाकानून, दुनिया, मेरी जंग और सल्तनत जैसी कई फिल्मों में उनके दमदार को आज भी याद किया जाता है।

उनके चंद डायलॉग आज भी लोगों के जुबान पर चढ़े हुए हैं। 12 जनवरी 2005 को अमरीश पुरी ने इस दुनिया से विदा ली थी। कहना गलत नहीं होगा कि आज भी बॉलीवुड में अमरीश पुरी की जगह को कोई कलाकार नहीं भर सका।

मुम्बई। बालीवुड में खलनायक से लेकर प्यार करने वाले सख्त पिता जैसे किरदारों को बड़ी ही सहजता से निभा लेने वाले बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अमरीश पुरी का आज जन्मदिन है। अपनी दमदार आवाज और बड़ी-बड़ी आंखों से ही पूरी कहानी को बयां कर देने वाले अमरीश के जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है। अमरीश पुरी का जन्म आज ही के दिन यानी 22 जून को हुआ था। वह भारतीय सिनेमा के सबसे खतरनाक विलेन में से एक हैं। कई दशक तक बॉलीवुड में अपने नाम का सिक्का चलाने वाले अमरीश की टक्कर का कोई विलेन आज भी बॉलीवुड में नहीं हैं। आज उनके जन्मदिन पर जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। अमरीश पुरी का जन्म 22 जून 1932 को पंजाब राज्य के जालंधर में हुआ था। बेहतरीन आवाज के मालिक अमरीश को साल 1967 में उनकी पहली मराठी फिल्म शंततु! कोर्ट चालू आहे में काम मिला। इस फिल्म में उन्होंने एक अंधे व्यक्ति का किरदार निभाया किया था। वहीं साल 1971 में रेशमा और शेरा से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। अमरीश की मुख्य फिल्मों में कुर्बानी, नसीब, हीरो, अंधाकानून, दुनिया, मेरी जंग और सल्तनत जैसी कई फिल्मों में उनके दमदार को आज भी याद किया जाता है। उनके चंद डायलॉग आज भी लोगों के जुबान पर चढ़े हुए हैं। 12 जनवरी 2005 को अमरीश पुरी ने इस दुनिया से विदा ली थी। कहना गलत नहीं होगा कि आज भी बॉलीवुड में अमरीश पुरी की जगह को कोई कलाकार नहीं भर सका।