AMU का पीएचडी छात्र बना आतंकी, एके-47 के साथ फोटो वायरल

manan-vani

लखनऊ। आतंक का खात्मा करने में लगी भारतीय सेना की मुश्किलें बढ़ती जा रही है, आतंकी संगठन भारतीय जवानों को अपने मकड़जाल में फांस रहे हैं। अब ऐसा ही एक नया मामला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से आया है जहां एक रिसर्च का छात्र (मनन वानी) आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है। हालांकि इस खबर की पूर्णयतया पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन एक वायरल फोटो के आधार पर यह माना जा रहा है।

Amus Phd Student Made Terrorist Photo Viral With Ak 47 :

दरअसल, पीएचडी रिसर्च स्कोलर मनन वानी ने अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर डाली है। मनन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहा था. वानी के हाथ में एके-47 है, कहा जा रहा है कि वानी ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन ज्वाइन कर ली है। वो दक्षिण कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के लोलाब का रहने वाला है। वानी के आतंकी संगठन में शामिल होने पर सरकार के प्रयासों के प्रयासों को झटका माना जा रहा है क्‍योंकि सरकार कश्‍मीरी युवाओं को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापस लौटने की कोशिश कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, मनान वानी पिछले पांच साल से एएमयू में पढ़ रहा था। वह एम फिल कर रहा था। वह अब जिऑलजी में पीएचडी कर रहा था। वह यूनिवर्सिटी से घर नहीं आया। दो दिन पहले राइफल के साथ उसकी फोटो फेसबुक पर वायरल हो गई जिसमें लिखा था कि उसने 5 जनवरी को हिजबुल जॉइन कर लिया।

वही वानी के भाई ने बताया, हमलोगों ने भी सोशल नेटवर्किंग साइटों पर उसकी तस्‍वीर देखी है। लेकिन, हमें अभी इस बारे में कुछ भी मालूम नहीं है कि वह आतंकी संगठन में शामिल हुआ है या नहीं। हम 4 जनवरी से ही उससे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। उसका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ है। हमें लगता है कि उसने कुछ वजहों से फोन बंद कर दिया होगा या फिर फोन खो गया होगा। उससे संपर्क नहीं होने के कारण हमलोगों ने शनिवार (6 जनवरी) को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

लखनऊ। आतंक का खात्मा करने में लगी भारतीय सेना की मुश्किलें बढ़ती जा रही है, आतंकी संगठन भारतीय जवानों को अपने मकड़जाल में फांस रहे हैं। अब ऐसा ही एक नया मामला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से आया है जहां एक रिसर्च का छात्र (मनन वानी) आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया है। हालांकि इस खबर की पूर्णयतया पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन एक वायरल फोटो के आधार पर यह माना जा रहा है।दरअसल, पीएचडी रिसर्च स्कोलर मनन वानी ने अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर डाली है। मनन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहा था. वानी के हाथ में एके-47 है, कहा जा रहा है कि वानी ने हिज्बुल मुजाहिद्दीन ज्वाइन कर ली है। वो दक्षिण कश्मीर के कुपवाड़ा ज़िले के लोलाब का रहने वाला है। वानी के आतंकी संगठन में शामिल होने पर सरकार के प्रयासों के प्रयासों को झटका माना जा रहा है क्‍योंकि सरकार कश्‍मीरी युवाओं को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापस लौटने की कोशिश कर रही है।जानकारी के मुताबिक, मनान वानी पिछले पांच साल से एएमयू में पढ़ रहा था। वह एम फिल कर रहा था। वह अब जिऑलजी में पीएचडी कर रहा था। वह यूनिवर्सिटी से घर नहीं आया। दो दिन पहले राइफल के साथ उसकी फोटो फेसबुक पर वायरल हो गई जिसमें लिखा था कि उसने 5 जनवरी को हिजबुल जॉइन कर लिया।वही वानी के भाई ने बताया, हमलोगों ने भी सोशल नेटवर्किंग साइटों पर उसकी तस्‍वीर देखी है। लेकिन, हमें अभी इस बारे में कुछ भी मालूम नहीं है कि वह आतंकी संगठन में शामिल हुआ है या नहीं। हम 4 जनवरी से ही उससे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। उसका मोबाइल फोन लगातार स्विच ऑफ है। हमें लगता है कि उसने कुछ वजहों से फोन बंद कर दिया होगा या फिर फोन खो गया होगा। उससे संपर्क नहीं होने के कारण हमलोगों ने शनिवार (6 जनवरी) को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।