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अनामिका शुक्ला केस: फर्जी दस्वावेजों पर नौकरी कर रहा था मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र, एसटीएफ ने दबोचा

Anamika Shukla Case Mastermind Pushpinder Was Working On Fake Documents Stf Arrested

By बलराम सिंह 
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लखनऊ। प्रदेश की सियासत को हिला देने वाले फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला केस का मास्टर माइंड पुष्पेन्द्र उर्फ नीतू उर्फ गुरु जी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया है। आरोपी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी ​शैक्षणिक दस्तावेजों के सहारे अनामिका शुक्ला नाम से दो दर्जन से अधिक शिक्षिकाओं को भर्ती कराया है। अनामिका शुकला फर्जी शिक्षिका प्रकरण का मास्टरमाइंड पुष्पेंद्र फर्रुखाबाद में सुशील के फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहा था। वह वहां पर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात है।

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आरोपी ने एसटीएफ को पूछताछ के दौरान बताया कि वह फर्रुखाबाद के सरकारी विद्यालय में सहायक शिक्षक है। उसने खुद यह नौकरी फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर हासिल की। इतना ही नहीं यहीं से इस गैंग की शुरुआत भी हुई। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पुष्पेन्द्र ने एसटीएफ को बताया कि वह खुद सुशील पुत्र गुलाब चन्द्र निवासी कुंवरपुर खास के नाम से फर्जी तरीके से सहायक अध्यापक के पद पर काम कर रहा था। उसने बताया कि इस गैंग की शुरुआत वर्ष 2010 में उस वक्त हुई जब वह प्रधान लिपिक रामनाथ के सम्पर्क में आया। रामनाथ के सहयोग से उसने अंजली पुत्री राम खिलाड़ी नाम की महिला को केजीबीवी में नियुक्ति कराई थी। अंजली की समयावधि पूर्ण होने पर उसे वार्डन के पद पर भी नियुक्त करवाया। इसके बाद उसने अपने भाई जसवंत को विभव कुमार के नाम से कूटरचित दस्तावेज के आधार पर इत्रनगरी कन्नौज में नियुक्त कराया था। रामनाथ के माध्यम से ही उसकी आनन्द से मुलाकात हुई थी।

पुष्पेंद्र उर्फ राज खुद भी नाम बदलकर कायमगंज तहसील के गांव कुंवरपुर खास के प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक था। वह सुशील कौशल के नाम से करीब छह वर्ष से वह नौकरी कर शासन को चकमा दे रहा था। अनामिका शुक्ला के नाम से कासगंज में नौकरी कर रही कायमगंज के गांव रजपालपुर की सुप्रिया जाटव पकड़ी गई। इसके बाद इस मामले मे रहस्य की परतें खुलनी शुरू हुईं। इसके बाद इसी गांव के फर्जी पते की रीना का मामला प्रयागराज में खुला। तभी से घटना के तार कायमगंज से जुड़े थे। इस मामले की जांच में जुटी एसटीएफ ने गिरोह के मास्टर माइंड पुष्पेंद्र सिंह उर्फ राज उर्फ सुशील उर्फ गुरुजी निवासी नगला खराव, थाना भोगांव जनपद मैनपुरी समेत दो को गिरफ्तार किया। पुष्पेंद्र सिंह कायमगंज क्षेत्र के कुंअरपुर खास प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर तैनात था।

वह लॉकडाउन के कारण स्कूल बंद होने से पहले मार्च 2020 तक यहां आया है। वह अक्सर बाइक से आता था। कई बार उसके साथ एक युवती भी गांव आई, जिसे वह अपनी बहन बताता था। ग्राम प्रधान रियासुद्दीन के मुताबिक गांव में उसका अधिक व्यवहार नहीं रहा।
एसटीएफ के मुताबिक बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े तीनों आरोपी इस गैंग को चला रहे थे। आनंद ने 2019 में अनामिका के मार्कशीट सॢटफिकेट पुष्पेंद्र को दिए थे। आनंद ने एक और अभ्यर्थी प्रीति यादव के दस्तावेज गिरोह को दिए थे। इन प्रमाणपत्र पर रामनाथ ने फर्जी दस्तावेज को तैयार कराया और दो-दो लाख रुपया लेकर भर्तियां कराई।

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