शहीदों के मुआवजे की रकम में मतभेद क्यों, MP में एक करोड़ तो यूपी सरकार दे रही 25 लाख!

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शहीदों के मुआवजे की रकम में मतभेद क्यों, MP में एक करोड़ तो यूपी सरकार दे रही 25 लाख

नई दिल्ली। देश की सीमा पर तैनात जवानों की शहादत के बाद केंद्र और राज्य सरकारें उनके परिजनों को सांत्वना के तौर पर आर्थिक मदद और नौकरी का एलान करती हैं। हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि आखिर राज्यों के हिसाब से शहीदों के परिवारों की आर्थिक मदद कम और ज्यादा कैसे हो जाती है।

Anantnag Terror Attack Shahid Jawano Ke Muawaje Me Antar Kyo :

एक तरफ जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले में शहीद जवान संदीप यादव के परिवार को मध्य प्रदेश सरकार एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद करने का एलान किया है। वहीं पीड़ित परिवार को एक मकान और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान सरकार ने किया है।

वहीं बात करें उत्तर प्रदेश की तो शहीदों के परिवारों को मुआवजा देने वाली रकम 25 लाख है। अनंतनाग में शहीद हुए यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी सतेंद्र कुमार और गाजीपुर के महेश कुशवाहा को योगी सरकार ने 25-25 लाख का मुआवजा दिया है और घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है।

गौर करने वाली बात यह है कि आखिर अलग-अलग राज्यों के हिसाब से मुआवजे की रकम कम ज्यादा कैसे हो जाती है। आखिर सरकारें शहीदों के परिवारों को आर्थिक मदद देने में मतभेद क्यों करती है और राज्यों के हिसाब से मुआवजे की रकम कम-ज्यादा कैसे हो जाती हैं?

नई दिल्ली। देश की सीमा पर तैनात जवानों की शहादत के बाद केंद्र और राज्य सरकारें उनके परिजनों को सांत्वना के तौर पर आर्थिक मदद और नौकरी का एलान करती हैं। हालांकि गौर करने वाली बात ये है कि आखिर राज्यों के हिसाब से शहीदों के परिवारों की आर्थिक मदद कम और ज्यादा कैसे हो जाती है। एक तरफ जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमले में शहीद जवान संदीप यादव के परिवार को मध्य प्रदेश सरकार एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद करने का एलान किया है। वहीं पीड़ित परिवार को एक मकान और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान सरकार ने किया है। वहीं बात करें उत्तर प्रदेश की तो शहीदों के परिवारों को मुआवजा देने वाली रकम 25 लाख है। अनंतनाग में शहीद हुए यूपी के मुजफ्फरनगर निवासी सतेंद्र कुमार और गाजीपुर के महेश कुशवाहा को योगी सरकार ने 25-25 लाख का मुआवजा दिया है और घर के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है। गौर करने वाली बात यह है कि आखिर अलग-अलग राज्यों के हिसाब से मुआवजे की रकम कम ज्यादा कैसे हो जाती है। आखिर सरकारें शहीदों के परिवारों को आर्थिक मदद देने में मतभेद क्यों करती है और राज्यों के हिसाब से मुआवजे की रकम कम-ज्यादा कैसे हो जाती हैं?