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आंध्र सरकार ने लिया फैसला वापस, APJ अब्दुल कलाम के नाम पर ही दिए जाएंगे पुरस्कार

Andhra Government Took Back Decision Awards Will Be Given In The Name Of Apj Abdul Kalam

By रवि तिवारी 
Updated Date

अमरावती। आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) की जगनमोहन रेड्डी (Jaganmohan Reddy) सरकार को चौतरफा विरोध (Backlash) के बाद शिक्षा के क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए राज्‍य की ओर से दिए जाने वाले प्रतिभा अवार्ड (Excellence Award) में पूर्व राष्‍ट्रपति एपीजे अब्‍दुल कलाम (APJ Abdul Kalam) का नाम फिर शामिल करने का फैसला लेना पड़ा। बता दें कि इससे पहले उन्होंने इस पुरस्कार पूर्व राष्‍ट्रपति का नाम बदल कर अपने पिता व राज्‍य के पूर्व मुख्‍यमंत्री का नाम शामिल कर दिया था इसके बाद दोबारा से उन्होंने यह घोषणा की है।  

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सभी दलों और मुस्लिम संगठनों ने जताया एतराज

जगनमोहन रेड्डी ने राज्‍य की बागडोर संभालने के बाद एनटी रामा राव (पूर्व मुख्‍यमंत्री और चंद्रबाबू नायडू के ससुर) के नाम पर चलने वाली कई जनकल्‍याण योजनाओं (Welfare Schemes) के नाम बदलकर उनमें अपने पिता का नाम शामिल कर दिया, लेकिन किसी ने इसका विरोध नहीं किया। हालांकि, जैसे ही उन्‍होंने पूर्व राष्‍ट्रपति एपीजे अब्‍दुल कलाम का नाम एक अवार्ड से हटाकर अपने पिता का नाम शामिल किया तो उनकी चौतरफा आलोचना होने लगी। राज्‍य में इस पर विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई।

बीजेपी ने जगन सरकार के फैसले की निंदा की

बीजेपी प्रवक्‍ता लंका दिनकर ने जगन सरकार के इस फैसले पर सख्‍त एतराज जताया। उन्‍होंने कहा, ‘दुख की बात है कि आंध्र प्रदेश सरकार ने पूर्व राष्‍ट्रपति और महान वैज्ञानिक एपीजे अब्‍दुल कलाम के नाम पर दिए जाने वाले अवार्ड का नाम कदल दिया है। राज्‍य सरकार ने ऐसा कर उनका अपमान किया है। ये गैर-कानूनी है। कलाम के साथ तेलुगु लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। हम असली हीरोज का अपमान करने वाले इस फैसले की निंदा करते हैं। आंध्र प्रदेश मुस्लिम ज्‍वाइंट एक्‍शन कमेटी के समन्‍वयक मुनीर अहमद ने कहा कि जगन सरकार का यह फैसला बहुत आपत्तिजनक है।

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मुख्‍यमंत्री कार्यालय ने बताया, वापस ले लिया फैसला

मुनीर ने कहा कि सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पूरे राज्‍य में इसका विरोध किया जाएगा। इसके बाद मुख्‍यमंत्री कार्यालय की ओर से अवार्ड बदलने पर खड़े हुए विवाद को लेकर बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया कि नाम बदलने का फैसला सीएम जगनमोहन रेड्डी की जानकारी के बिना लिया गया था। जानकारी मिलने के बाद उन्‍होंने पिछला फैसला रद्द करते हुए अवार्ड का नाम फिर पूर्व राष्‍ट्रपति के नाम पर करने का आदेश दे दिया है।  

कई योजनाओं के बदल चुके हैं नाम

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री ने अन्ना ‘कैंटीन’ का नाम बदलकर ‘राजन्ना कैंटीन’ कर दिया था। इसके अलावा दोपहर के भोजना योजना का नाम को ‘वाईएसआर अक्षय पात्र’ रखा था। मुख्यमंत्री ने इसके अलावा सचिवालय भवन की दीवार से तिरंगा हटाकर अपनी पार्टी के रंग का पार्टी पेंट करवा दिया था। जिसके लिए उन्हें काफी विरोध भी झेलना पड़ा था।

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