आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, चंद्रबाबू नायडू को मिली थी करारी शिकस्त

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आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रोड्डी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, चंद्रबाबू नायडू को मिली थी करारी शिकस्त

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में वायएस जगनमोहन रेड्डी ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ से पहले विजयवाड़ा में पुजारियों से उन्होंने आशीर्वाद लिया। विधानसभा चुनाव में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था। वहीं जगन रेड्डी ने अपने चिर प्रतिद्वंदी चंद्रबाबू नायडू को करारी शिकस्त दी थी।

Andhra Pradesh Jagan Mohan Reddy Oath Ceremnoy As Chief Minister :

राज्यपाल ई एस एल ​नरसिम्हा ने गुरुवार दोपहर उन्हें सीएम पद की शपथ दिलवाई। आंध्र प्रदेश में 175 विधानसभा की सीटों पर चुनाव हुआ था। इसमें 151 सीटों पर जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने जीत हासिल की थी, जबकि नायडू की टीडीपी 102 से 23 सीटों पर सिमटकर रह गई। वायएसआरसीपी ने 49.9 फीसदी वोट शेयर मिले जबकि टीडीपी को 39.2 फीसदी वोट शेयर मिले।

वायएसआऱ कांग्रेस पार्टी के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने 2009 में राजनीति में डेब्यू किया था उसी साल उनके पिता अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसके पहले उनकी पार्टी को सोनिया गांधी की नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त था लेकिन 2010 में जगन ने अपनी मां वाय एस विजयम्मा के साथ मिलकर कांग्रेस से नाता तोड़ लिया और अपनी अलग पार्टी बना ली।

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में वायएस जगनमोहन रेड्डी ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ से पहले विजयवाड़ा में पुजारियों से उन्होंने आशीर्वाद लिया। विधानसभा चुनाव में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था। वहीं जगन रेड्डी ने अपने चिर प्रतिद्वंदी चंद्रबाबू नायडू को करारी शिकस्त दी थी। राज्यपाल ई एस एल ​नरसिम्हा ने गुरुवार दोपहर उन्हें सीएम पद की शपथ दिलवाई। आंध्र प्रदेश में 175 विधानसभा की सीटों पर चुनाव हुआ था। इसमें 151 सीटों पर जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने जीत हासिल की थी, जबकि नायडू की टीडीपी 102 से 23 सीटों पर सिमटकर रह गई। वायएसआरसीपी ने 49.9 फीसदी वोट शेयर मिले जबकि टीडीपी को 39.2 फीसदी वोट शेयर मिले। वायएसआऱ कांग्रेस पार्टी के प्रमुख जगन मोहन रेड्डी ने 2009 में राजनीति में डेब्यू किया था उसी साल उनके पिता अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इसके पहले उनकी पार्टी को सोनिया गांधी की नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त था लेकिन 2010 में जगन ने अपनी मां वाय एस विजयम्मा के साथ मिलकर कांग्रेस से नाता तोड़ लिया और अपनी अलग पार्टी बना ली।