आंध्र प्रदेश के विधायक ने ईश्वर की बजाए मुख्यमंत्री रेड्डी के नाम पर ली शपथ

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आंध्र प्रदेश के विधायक ने ईश्वर की बजाए मुख्यमंत्री रेड्डी के नाम पर ली शपथ

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस अध्‍यक्ष जगनमोहन रेड्डी को चाहने वालों की लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। आंध्र प्रदेश के एक नवनिर्वाचित विधायक ने बुधवार को ईश्‍वर की बजाय मुख्‍यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस अध्‍यक्ष जगन मोहन रेड्डी के नाम पर शपथ ली। नेल्‍लोर ग्रामीण से विधायक कोटामरेड्डी श्रीधर रेड्डी ने मुख्‍यमंत्री के प्रति वफादारी दिखाने के लिए यह कदम उठाया और कहा कि सीएम जगन उनके लिए भगवान हैं।

Andhra Pradesh Legislator Kotamreddy Sridhar Reddy Takes Oath As Jagan Mohan Reddy As God :

केवल इतना ही नहीं श्रीधर रेड्डी का कहना है कि मुख्यमंत्री उनके लिए भगवान हैं। उनके ऐसा करने के तुरंत बाद प्रोटेम स्पीकर संबांगी अप्पाला नायडू ने उन्हें दोबारा शपथ लेने के लिए कहा। जिसके बाद उन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। बाद में उन्होंने बताया कि वह जज्बाती हो गए थे और इसी वजह से उन्होंने नियमों से हटकर शपथ ली। उन्होंने कहा, ‘मैं एक ऐसे गरीब परिवार से आता हूं जिसकी कोई राजनीतिक या वित्तीय पृष्ठभूमि नहीं रही है।’

‘यदि मैं अपने नेता को भगवान मानता हूं तो इसमें गलत क्‍या?’

विधायक श्रीरेड्डी ने कहा, ‘उन्‍होंने (जगन) ने मुझे दो बार विधायक बनाया। उनके (जगन) नाम पर शपथ लेने के पीछे मेरी कोई पद पाने की अभिलाषा नहीं है। पिछले पांच साल में मैंने अपनी सारी सैलरी गरीब बच्‍चों को दी है।’ विधायक ने दावा किया कि टीडीपी के कुछ विधायकों ने पहले एनटी रामराव के नाम पर शपथ ली थी और उन्‍हें ऐसा करने की अनुमति दी गई थी।

श्री रेड्डी ने सवाल किया, ‘यदि मैं अपने नेता को भगवान मानता हूं तो इसमें गलत क्‍या है?’ बता दें कि विधायक संविधान के अनुच्‍छेद 188 के नियमों के तहत शपथ लेते हैं। इसके तहत विधायक या तो ईश्‍वर के नाम पर शपथ लेते हैं या संविधान की। जनवरी 2017 में बांबे हाई कोर्ट ने भारतीय शपथ कानून 1969 के तहत एक तीसरा विकल्‍प दिए जाने के लिए दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया था।

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्‍यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस अध्‍यक्ष जगनमोहन रेड्डी को चाहने वालों की लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। आंध्र प्रदेश के एक नवनिर्वाचित विधायक ने बुधवार को ईश्‍वर की बजाय मुख्‍यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस अध्‍यक्ष जगन मोहन रेड्डी के नाम पर शपथ ली। नेल्‍लोर ग्रामीण से विधायक कोटामरेड्डी श्रीधर रेड्डी ने मुख्‍यमंत्री के प्रति वफादारी दिखाने के लिए यह कदम उठाया और कहा कि सीएम जगन उनके लिए भगवान हैं। केवल इतना ही नहीं श्रीधर रेड्डी का कहना है कि मुख्यमंत्री उनके लिए भगवान हैं। उनके ऐसा करने के तुरंत बाद प्रोटेम स्पीकर संबांगी अप्पाला नायडू ने उन्हें दोबारा शपथ लेने के लिए कहा। जिसके बाद उन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। बाद में उन्होंने बताया कि वह जज्बाती हो गए थे और इसी वजह से उन्होंने नियमों से हटकर शपथ ली। उन्होंने कहा, 'मैं एक ऐसे गरीब परिवार से आता हूं जिसकी कोई राजनीतिक या वित्तीय पृष्ठभूमि नहीं रही है।' 'यदि मैं अपने नेता को भगवान मानता हूं तो इसमें गलत क्‍या?' विधायक श्रीरेड्डी ने कहा, 'उन्‍होंने (जगन) ने मुझे दो बार विधायक बनाया। उनके (जगन) नाम पर शपथ लेने के पीछे मेरी कोई पद पाने की अभिलाषा नहीं है। पिछले पांच साल में मैंने अपनी सारी सैलरी गरीब बच्‍चों को दी है।' विधायक ने दावा किया कि टीडीपी के कुछ विधायकों ने पहले एनटी रामराव के नाम पर शपथ ली थी और उन्‍हें ऐसा करने की अनुमति दी गई थी। श्री रेड्डी ने सवाल किया, 'यदि मैं अपने नेता को भगवान मानता हूं तो इसमें गलत क्‍या है?' बता दें कि विधायक संविधान के अनुच्‍छेद 188 के नियमों के तहत शपथ लेते हैं। इसके तहत विधायक या तो ईश्‍वर के नाम पर शपथ लेते हैं या संविधान की। जनवरी 2017 में बांबे हाई कोर्ट ने भारतीय शपथ कानून 1969 के तहत एक तीसरा विकल्‍प दिए जाने के लिए दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया था।