बिहार: मांझी की इस डिमांड से महागठबंधन में बढ़ी रार

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बिहार: मांझी के इस डिमांड से महागठबंधन में बढ़ी रार

नई दिल्ली। महागठबंधन में लोकसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग को ले सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सीट शेयरिंग को लेकर अपने तेवर तल्ख कर लिए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि अगर उपेंद्र कुशवाहा से कम सीटें हमें मिलती हैं तो हम समझौता नहीं करेंगे। अगर नहीं राजी होते हैं तो हमलोग विचार करेंगे कि क्या करना है।’

Angry Jeetan Ram Manjhi Said He Will Think Abought New Option :

एनडीए छोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए मांझी से यह पूछे जाने पर कि महागठबंधन से नाता तोडने पर उनके पास दूसरा विकल्प क्या होगा। उन्होंने इस बारे में कुछ भी तत्काल कहने से इंकार करते हुए कहा, ‘विकल्प पर पार्टी के भीतर बात होगी। आगामी 18 फरवरी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है।’

उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में हम लोग कुशवाहा की पार्टी से अधिक सीट पाने की बात करेंगे। मांझी ने कहा, ‘कुशवाहा कुछ दिन पहले महागठबंधन में शामिल हुए हैं जबकि हम सेक्युलर पहले से महागठबंधन में शामिल है। ऐसे में अगर उनसे कम सीट पर हम सेक्युलर को चुनाव लडने के लिए कहा जाएगा तो यह कैसे संभव होगा।’ उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता, ‘हमें एक, दो या दस सीट मिलती है बल्कि हमें कुशवाहा जी से अधिक सीट मिलनी चाहिए।’

जीतनराम मांझी ने फिलहाल एनडीए में जाने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वे लालू यादव को सबल बनाने के लिए महागठबंधन में आए थे और जल्दी ही सीट शेयरिंग के मसले को लेकर लालू यादव से मिलेंगे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कांग्रेस ने 19 सीटों की मांग की है। मांझी ने इस बीच जानकारी दी कि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे दानिश रिजवान और प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि दानिश रिजवान द्वारा वृषिण पटेल पर लगाये गए सारे आरोपो की कर रहा हूं जांच कर रहे हैं।

नई दिल्ली। महागठबंधन में लोकसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग को ले सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने सीट शेयरिंग को लेकर अपने तेवर तल्ख कर लिए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि अगर उपेंद्र कुशवाहा से कम सीटें हमें मिलती हैं तो हम समझौता नहीं करेंगे। अगर नहीं राजी होते हैं तो हमलोग विचार करेंगे कि क्या करना है।'एनडीए छोड़कर महागठबंधन में शामिल हुए मांझी से यह पूछे जाने पर कि महागठबंधन से नाता तोडने पर उनके पास दूसरा विकल्प क्या होगा। उन्होंने इस बारे में कुछ भी तत्काल कहने से इंकार करते हुए कहा, ‘विकल्प पर पार्टी के भीतर बात होगी। आगामी 18 फरवरी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है।'उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में हम लोग कुशवाहा की पार्टी से अधिक सीट पाने की बात करेंगे। मांझी ने कहा, ‘कुशवाहा कुछ दिन पहले महागठबंधन में शामिल हुए हैं जबकि हम सेक्युलर पहले से महागठबंधन में शामिल है। ऐसे में अगर उनसे कम सीट पर हम सेक्युलर को चुनाव लडने के लिए कहा जाएगा तो यह कैसे संभव होगा।' उन्होंने कहा कि यह मायने नहीं रखता, ‘हमें एक, दो या दस सीट मिलती है बल्कि हमें कुशवाहा जी से अधिक सीट मिलनी चाहिए।'जीतनराम मांझी ने फिलहाल एनडीए में जाने की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वे लालू यादव को सबल बनाने के लिए महागठबंधन में आए थे और जल्दी ही सीट शेयरिंग के मसले को लेकर लालू यादव से मिलेंगे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कांग्रेस ने 19 सीटों की मांग की है। मांझी ने इस बीच जानकारी दी कि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे दानिश रिजवान और प्रदेश अध्यक्ष वृषिण पटेल दोनों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि दानिश रिजवान द्वारा वृषिण पटेल पर लगाये गए सारे आरोपो की कर रहा हूं जांच कर रहे हैं।