NEET के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली अनीता की सुसाइड के बाद उसके बाप के चंद सवालात

Anitha Challenged Neet Order Supreme Court Commits Suicide Father Rised Questi

चेन्नई। मेडिकल कालेजों में एडमिशन के दौरान होने वाले NEET एक्जाम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली दलित छात्रा अनीता ने खुदखुशी कर ली। अनीता ने मेडिकल में दाखिला नहीं मिलने से निराश होकर यह कदम उठाया। इस छात्रा की आत्महत्या के बाद तमिलनाडु के छात्रों में सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है, राज्य के विभिन्न शहरों में छात्र सड़क पर उतार हँगामा कर रहें है। अनीता के पिता भी इस घटना के बाद से सदमे में है। अनीता के पिता का कहना है कि मेरे बेटी के मौत का जिम्मेदार कौन है, कोई देगा उसके सवालों का जबाब, आखिर मेरी बेटी ने क्या गलत किया जो उसे ऐसी सज़ा मिली। बता दें कि अनिता ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया था। अनिता ने कुझुमुर गांव स्थित अपने ही घर में रस्सी से फांसी लगा ली थी। वह बहुत ही गरीब परिवार से थी। उसके पिता मजदूरी कर परिवार चलाते हैं।

मिली जानकारी के अनुसार अनिता के पिता का कहना है कि अनिता ने हर मुश्किलों का सामने करते हुए पढ़ाई की। वह नीट को लेकर चिंतित थी। उसने क्या गलत किया था, इसका जवाब कौन देगा?” अनिता के इस कदम के बाद तमिलनाडु सरकार ने उसके परिवार को 7 लाख की मदद देने का एलान किया।बता दें कि नौ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए NEET को फॉलो करने के आदेश दिए थे। कहा था कि 5 सितंबर तक काउंसिलिंग पूरी कर लें।

बता दें कि ऐसा माना जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में NEET की वजह से ऐडमिशन न मिलने की वजह से अनीता डिप्रेशन में थी। 17 साल की अनीता अरियालुर जिले के कुझुमुर गांव की रहने वाली थी। उसने अपने घर में फांसी लगा ली थी। अनीता के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। अनीता ने तमिलनाडु स्टेट बोर्ड से 12वीं की पढ़ाई की थी और उसे परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक मिले थे। अनीता को मेडिकल कोर्स में ऐडमिशन आसानी से मिल जाता लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को नीट के तहत एग्जाम और काउंसिलिंग करने का आदेश दिया। केंद्र सरकार भी यही चाहती थी। नीट एग्जाम में अनीता को केवल 86 नंबर मिले। ऐसे में उसे एमबीबीएस कोर्स में दाखिला नहीं मिल पाया। इस कारण वह डिप्रेशन में थी।

चेन्नई। मेडिकल कालेजों में एडमिशन के दौरान होने वाले NEET एक्जाम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली दलित छात्रा अनीता ने खुदखुशी कर ली। अनीता ने मेडिकल में दाखिला नहीं मिलने से निराश होकर यह कदम उठाया। इस छात्रा की आत्महत्या के बाद तमिलनाडु के छात्रों में सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है, राज्य के विभिन्न शहरों में छात्र सड़क पर उतार हँगामा कर रहें है। अनीता के पिता भी इस घटना के बाद से सदमे में है।…