अनमोल नारंग ने रचा इतिहास, अमेरिकी सैन्य अकादमी से ग्रेजुएट होने वाली पहली सिख लेफ्टिनेंट बनेंगी

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अनमोल नारंग ने रचा इतिहास, अमेरिकी सैन्य अकादमी से ग्रेजुएट होने वाली पहली सिख लेफ्टिनेंट बनेंगी

अमेरिका में जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेस्ट प्वाइंट में भाषण देंगे तो वे एक नए सेना अधिकारी का परिचय भी देंगे। यह अधिकारी 23 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी सिख महिला अनमोल नारंग होगी, जो 218 वर्षीय अमेरिकी सेना के इतिहास में पुरानी जंजीरों को तोड़ देगी।

Anmol Narang Created History Will Become The First Sikh Lieutenant To Graduate From The Us Military Academy :

पहली बार किसी गैर-अमेरिकी महिला को अमेरिकी सैन्य अकादमी की यह डिग्री मिलने जा रही है। अमेरिकी सेना में 1925 के बाद से रंगभेद का प्रभाव बढ़ गया था। सेना के अधिकतर अधिकारी रैंक का पद एक विशेष वर्ग को जाने लगा, जिसके कारण निचले स्तर पर भी उसी वर्ग का वर्चस्व बढ़ता गया।

ऐसा लगभग एक सदी से चलता आ रहा है। लेकिन भारतवंशी सिख महिला अनमोल ने अमेरिकी सैन्य अकादमी के इतिहास में पताका फहराई है। भारतीय मूल की अनमोल नारंग की परवरिश अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में हुई है। वह इतिहास रचने जा रही है। अनमोल ने बताया कि वे एयरफोर्स क्षेत्र में जाना चाहती हैं।

वहीं अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि अनमोल नारंग ओक्लाहोमा में बेसिक ऑफिसर लीडरशिप कोर्स पूरा करेंगी और इसके बाद उन्हें जनवरी में जापान के ओकीनावा में पहली तैनाती के लिए भेजा जाएगा। अनमोल ने कहा, ‘मैं बहुत उत्साहित हूं कि मेरा ख्वाब पूरा होगा। यह मेरे लिए गर्व की बात है।’

भारतीय सेना में थे दादाजी

अनमोल नारंग ने बताया कि उनके दादाजी भारतीय सेना में जवान थे। बचपन से ही उन्हें देखकर सेना में कॅरियर बनाने की इच्छा रही थी। इसीलिए अनमोल ने दादाजी से प्रेरणा लेकर सैन्य क्षेत्र में ही कदम रखा और हवाई में पर्ल हार्बर राष्ट्रीय स्मारक की यात्रा के बाद इसके लिए अर्जी लगाई। अनमोल ने बताया कि यह डिग्री एक सपने के पूरा होने जैसी है।

1100 कैडर को आज मिलेगी अनुमति

अमेरिका में शनिवार (भारतीय समयानुसार रविवार सुबह) 1,100 सैनिक कैडर को सैन्य परीक्षण का डिप्लोमा दिया जाएगा। इनमें से 230 महिला भी शामिल होंगी। बताया जा रहा है कि 230 महिला में से 12 फीसदी महिलाएं अफ्रीकी मूल की अमेरिकी हैं, जबकि 9 फीसदी एशियाई मूल की हैं। देश में सिर्फ एक फीसदी सैनिक नैटिव अमेरिकन मूल की हैं।

सिख-अमेरिकियों को दिखा रही हूं रास्ता : अनमोल

अनमोल नारंग ने अमेरिकी जॉर्जिया प्रौद्योगिकी संस्थान से स्नातक की पढ़ाई की और उसके बाद वेस्ट प्वाइंट सैन्य अकादमी गईं, जहां वह परमाणु इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल करेंगी। न्यूयॉर्क स्थित गैर लाभकारी संस्था ‘सिख कोलिशन’ में नारंग ने कहा, ‘मैं अभिभूत हूं कि इस लक्ष्य तक पहुंचकर मैं अन्य सिख अमेरिकियों को यह दिखा रही हूं कि किसी के लिए भी कॅरियर में कोई भी रास्ता चुनना मुमकिन है।’

coalition

अमेरिका में जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेस्ट प्वाइंट में भाषण देंगे तो वे एक नए सेना अधिकारी का परिचय भी देंगे। यह अधिकारी 23 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी सिख महिला अनमोल नारंग होगी, जो 218 वर्षीय अमेरिकी सेना के इतिहास में पुरानी जंजीरों को तोड़ देगी। पहली बार किसी गैर-अमेरिकी महिला को अमेरिकी सैन्य अकादमी की यह डिग्री मिलने जा रही है। अमेरिकी सेना में 1925 के बाद से रंगभेद का प्रभाव बढ़ गया था। सेना के अधिकतर अधिकारी रैंक का पद एक विशेष वर्ग को जाने लगा, जिसके कारण निचले स्तर पर भी उसी वर्ग का वर्चस्व बढ़ता गया। ऐसा लगभग एक सदी से चलता आ रहा है। लेकिन भारतवंशी सिख महिला अनमोल ने अमेरिकी सैन्य अकादमी के इतिहास में पताका फहराई है। भारतीय मूल की अनमोल नारंग की परवरिश अमेरिका के जॉर्जिया प्रांत में हुई है। वह इतिहास रचने जा रही है। अनमोल ने बताया कि वे एयरफोर्स क्षेत्र में जाना चाहती हैं। वहीं अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि अनमोल नारंग ओक्लाहोमा में बेसिक ऑफिसर लीडरशिप कोर्स पूरा करेंगी और इसके बाद उन्हें जनवरी में जापान के ओकीनावा में पहली तैनाती के लिए भेजा जाएगा। अनमोल ने कहा, ‘मैं बहुत उत्साहित हूं कि मेरा ख्वाब पूरा होगा। यह मेरे लिए गर्व की बात है।’ भारतीय सेना में थे दादाजी अनमोल नारंग ने बताया कि उनके दादाजी भारतीय सेना में जवान थे। बचपन से ही उन्हें देखकर सेना में कॅरियर बनाने की इच्छा रही थी। इसीलिए अनमोल ने दादाजी से प्रेरणा लेकर सैन्य क्षेत्र में ही कदम रखा और हवाई में पर्ल हार्बर राष्ट्रीय स्मारक की यात्रा के बाद इसके लिए अर्जी लगाई। अनमोल ने बताया कि यह डिग्री एक सपने के पूरा होने जैसी है। 1100 कैडर को आज मिलेगी अनुमति अमेरिका में शनिवार (भारतीय समयानुसार रविवार सुबह) 1,100 सैनिक कैडर को सैन्य परीक्षण का डिप्लोमा दिया जाएगा। इनमें से 230 महिला भी शामिल होंगी। बताया जा रहा है कि 230 महिला में से 12 फीसदी महिलाएं अफ्रीकी मूल की अमेरिकी हैं, जबकि 9 फीसदी एशियाई मूल की हैं। देश में सिर्फ एक फीसदी सैनिक नैटिव अमेरिकन मूल की हैं। सिख-अमेरिकियों को दिखा रही हूं रास्ता : अनमोल अनमोल नारंग ने अमेरिकी जॉर्जिया प्रौद्योगिकी संस्थान से स्नातक की पढ़ाई की और उसके बाद वेस्ट प्वाइंट सैन्य अकादमी गईं, जहां वह परमाणु इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल करेंगी। न्यूयॉर्क स्थित गैर लाभकारी संस्था ‘सिख कोलिशन’ में नारंग ने कहा, ‘मैं अभिभूत हूं कि इस लक्ष्य तक पहुंचकर मैं अन्य सिख अमेरिकियों को यह दिखा रही हूं कि किसी के लिए भी कॅरियर में कोई भी रास्ता चुनना मुमकिन है।’ coalition