अन्ना की मांगे मानी सरकार, CM फडणवीस ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन

anna hazare , CM फडणवीस
अन्ना की मांगे मानी सरकार, महाराष्ट्र के CM फडणवीस ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने 7 दिनों से जारी अपना अनशन  बृहस्पतिवार शाम को खत्म हो गया।  केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अनशन स्थल पर पहुंचकर अन्ना को सरकार की तरफ से उनकी मांगों को पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अन्ना ने सातवें दिन अपना अनशन तोड़ने का ऐलान किया। मैं 6 माह तक का इंतजार करूंगा। यदि तब तक ये मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो सितंबर में फिर अनशन करूंगा।

Anna Hazares Break Fast On 7th Day At Delhi In Presence Of Maharashtra Cm Fadnavis :

अन्ना ने कहा था कि जब तक उनके शरीर में प्राण हैं, वह अनशन खत्म नहीं करेंगे। अन्ना के इस अनशन में उनके पुराने सहयोगी अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया नहीं आए थे। दरअसल, अन्ना ने राजनीतिक लोगों को इस अनशन से दूर रहने को कहा था। गौरतलब है कि अन्ना ने 11 मांगें उठाई थीं। सरकार ने ज्यादातर मांगों को मान लिया है।

23 मार्च से चल रहा है अनशन

आपको बता दें कि किसानों की मांग को लेकर अन्‍ना हजारे दिल्‍ली के रामलीला मैदान में 23 मार्च से अनशन पर बैठे हैं। लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती देख सरकार ने उनकी सभी मांगों मान ली हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएमओ के ड्राफ्ट को अन्‍ना ने मंजूरी दे दी है।

कम हो गया है अन्ना का वजन

अन्ना हजारे 23 मार्च से अनशन पर हैं और गुरुवार को इस अनशन का सातवां दिन था। उनके सहयोगी दत्ता अवारी ने बताया था कि अन्ना का वजन पांच किलोग्राम से ज्यादा घट गया है और अनशन की वजह से उनका रक्तचाप भी गिरा है।

नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने 7 दिनों से जारी अपना अनशन  बृहस्पतिवार शाम को खत्म हो गया।  केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अनशन स्थल पर पहुंचकर अन्ना को सरकार की तरफ से उनकी मांगों को पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अन्ना ने सातवें दिन अपना अनशन तोड़ने का ऐलान किया। मैं 6 माह तक का इंतजार करूंगा। यदि तब तक ये मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो सितंबर में फिर अनशन करूंगा।अन्ना ने कहा था कि जब तक उनके शरीर में प्राण हैं, वह अनशन खत्म नहीं करेंगे। अन्ना के इस अनशन में उनके पुराने सहयोगी अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया नहीं आए थे। दरअसल, अन्ना ने राजनीतिक लोगों को इस अनशन से दूर रहने को कहा था। गौरतलब है कि अन्ना ने 11 मांगें उठाई थीं। सरकार ने ज्यादातर मांगों को मान लिया है।23 मार्च से चल रहा है अनशनआपको बता दें कि किसानों की मांग को लेकर अन्‍ना हजारे दिल्‍ली के रामलीला मैदान में 23 मार्च से अनशन पर बैठे हैं। लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती देख सरकार ने उनकी सभी मांगों मान ली हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पीएमओ के ड्राफ्ट को अन्‍ना ने मंजूरी दे दी है।कम हो गया है अन्ना का वजनअन्ना हजारे 23 मार्च से अनशन पर हैं और गुरुवार को इस अनशन का सातवां दिन था। उनके सहयोगी दत्ता अवारी ने बताया था कि अन्ना का वजन पांच किलोग्राम से ज्यादा घट गया है और अनशन की वजह से उनका रक्तचाप भी गिरा है।