अन्ना का ऐलान, बोले- मांग पूरी नहीं हुई तो अनशन में प्राण त्याग दूंगा

संभल। समाजसेवी व गांधीवादी विचारक अन्ना हज़ारे रविवार को यहां एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। जहां उन्होंने नरेन्द्र मोदी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए उसके खिलाफ आगामी 23 मार्च को दिल्ली में अनशन करने तथा जेल भरो आंदोलन चलाने का ऐलान किया। उन्होंने आगे कहा कि इस बार सरकार को सभी मांगें पूरी करनी होंगी अन्यथा अनशन में बैठे-बैठे प्राण त्याग दूंगा।

Announcement Of Anna Speak If The Demand Is Not Met Will Give Up Life In Fasting :

दरअसल, आज अन्ना उत्तर प्रदेश के सम्भल में नगर पालिका मैदान पर भारतीय किसान यूनियन की ‘राष्ट्रीय किसान महापंचायत में पहुंचे थे जहां उन्होंने कहा कि आज देश का किसान बदहाल है। देश में किसानों द्वारा आत्म हत्या के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। सरकार ने किसानों के प्रति कल्याणकारी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं की। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को उन्होंने कई बार पत्र भी लिखे लेकिन कुछ नहीं हुआ।’

अन्ना ने आगे कहा कि यह मेरे जीवन की अंतिम लड़ाई होगी। देश के किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और लोकपाल बिल पारित कराने की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि कि जब पहले लोकपाल बिल के लिए देश में आंदोलन हुआ था तो पूरा देश खड़ा हो गया था। एक संगठन बन गया लेकिन इसके बाद में लोगों से मिल नहीं पाया। इससे हमारा संगठन कुछ कमजोर हो गया था। अब फिर से देश के 12 राज्यों में लोगों से मिल चुका हूं। अभी मेरे पास समय है। उससे पहले प्रत्येक राज्य में जाऊंगा।

उन्होंने बताया कि 23 मार्च से प्रस्तावित आंदोलन में जो लोग दिल्ली जा सकते है, वे दिल्ली जाएंगे और जो नहीं जा सकते वे अपने-अपने जिले में जेल भरेंगे। उन्होंने कहा कि देश में पिछले 22 वर्ष में 12 लाख किसान आत्महत्या कर चुके है। इन आत्महत्याओं के लिए केंद्र सरकारें जिम्मेदार हैं।

संभल। समाजसेवी व गांधीवादी विचारक अन्ना हज़ारे रविवार को यहां एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। जहां उन्होंने नरेन्द्र मोदी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए उसके खिलाफ आगामी 23 मार्च को दिल्ली में अनशन करने तथा जेल भरो आंदोलन चलाने का ऐलान किया। उन्होंने आगे कहा कि इस बार सरकार को सभी मांगें पूरी करनी होंगी अन्यथा अनशन में बैठे-बैठे प्राण त्याग दूंगा। दरअसल, आज अन्ना उत्तर प्रदेश के सम्भल में नगर पालिका मैदान पर भारतीय किसान यूनियन की 'राष्ट्रीय किसान महापंचायत में पहुंचे थे जहां उन्होंने कहा कि आज देश का किसान बदहाल है। देश में किसानों द्वारा आत्म हत्या के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। सरकार ने किसानों के प्रति कल्याणकारी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं की। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को उन्होंने कई बार पत्र भी लिखे लेकिन कुछ नहीं हुआ।' अन्ना ने आगे कहा कि यह मेरे जीवन की अंतिम लड़ाई होगी। देश के किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और लोकपाल बिल पारित कराने की लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि कि जब पहले लोकपाल बिल के लिए देश में आंदोलन हुआ था तो पूरा देश खड़ा हो गया था। एक संगठन बन गया लेकिन इसके बाद में लोगों से मिल नहीं पाया। इससे हमारा संगठन कुछ कमजोर हो गया था। अब फिर से देश के 12 राज्यों में लोगों से मिल चुका हूं। अभी मेरे पास समय है। उससे पहले प्रत्येक राज्य में जाऊंगा। उन्होंने बताया कि 23 मार्च से प्रस्तावित आंदोलन में जो लोग दिल्ली जा सकते है, वे दिल्ली जाएंगे और जो नहीं जा सकते वे अपने-अपने जिले में जेल भरेंगे। उन्होंने कहा कि देश में पिछले 22 वर्ष में 12 लाख किसान आत्महत्या कर चुके है। इन आत्महत्याओं के लिए केंद्र सरकारें जिम्मेदार हैं।