कश्मीर पर US सीनेटर को विदेश मंत्री का जवाब- चिंता न करें, एक लोकतांत्रिक देश अच्छे से निपटा लेगा

jay shankar
कश्मीर पर US सीनेटर को विदेश मंत्री का जवाब- चिंता न करें, एक लोकतांत्रिक देश अच्छे से निपटा लेगा

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मनी में चल रहे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि यह कोई सवाल नहीं है कि दुनिया अधिक राष्ट्रवादी हो गई है। अमेरिका, चीन और दुनिया के कई देश अधिक राष्ट्रवादी हैं। इस राष्ट्रवाद का बहुत कुछ वैधानिक रूप से मान्य है। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन 14 फरवरी को शुरू हुआ है और यह 16 फरवरी तक चलेगा।

Answer Of Foreign Minister To Us Senator On Kashmir Dont Worry A Democratic Country Will Settle Well :

सकारात्मक मुखर राष्ट्रवाद

इस राष्ट्रवाद का बहुत कुछ वैधानिक रूप से मान्य है। ऐसे देश हैं जहां यह एक सकारात्मक मुखर राष्ट्रवाद है, कुछ मामलों में यह अधिक असुरक्षित राष्ट्रवाद है। तथ्य यह है कि एक अधिक राष्ट्रवादी दुनिया स्पष्ट रूप से एक कम बहुपक्षीय दुनिया है।

संयुक्त राष्ट्र अब तक के इतिहास की तुलना में बहुत कम विश्वसनीय है, जो आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि जब आप इसके बारे में सोचते हैं, तो बहुत सारी चीजें नहीं हैं जो 75 साल पुरानी हैं और अभी भी उतनी ही अच्छी हैं जितनी वे थीं।

अमेरिका को भी करारा जवाब

वहीं जर्मनी में चल रहे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका को करार जवाब देते हुए कहा कि अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा कश्मीर के हालात पर चिंता जताने पर जयशंकर ने कहा कि चिंता मत कीजिए। एक लोकतंत्र (भारत) इसे सुरक्षा लेगा और आप जानते हैं कि वह देश कौनसा है। दरअसल, इससे पहले ग्राहम ने काह था कि कश्मीर से लौटने के बाद यह समझ नहीं पाया कि वहां जो लॉकडाउन जारी है वह कब खत्म होगा।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा से पहले अमेरिका के चार सीनेटरों ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और कश्मीर में मानवाधिकार की स्थितियों पर रिपोर्ट की मांग की थी।

नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जर्मनी में चल रहे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में राष्ट्रवाद के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि यह कोई सवाल नहीं है कि दुनिया अधिक राष्ट्रवादी हो गई है। अमेरिका, चीन और दुनिया के कई देश अधिक राष्ट्रवादी हैं। इस राष्ट्रवाद का बहुत कुछ वैधानिक रूप से मान्य है। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन 14 फरवरी को शुरू हुआ है और यह 16 फरवरी तक चलेगा। सकारात्मक मुखर राष्ट्रवाद इस राष्ट्रवाद का बहुत कुछ वैधानिक रूप से मान्य है। ऐसे देश हैं जहां यह एक सकारात्मक मुखर राष्ट्रवाद है, कुछ मामलों में यह अधिक असुरक्षित राष्ट्रवाद है। तथ्य यह है कि एक अधिक राष्ट्रवादी दुनिया स्पष्ट रूप से एक कम बहुपक्षीय दुनिया है। संयुक्त राष्ट्र अब तक के इतिहास की तुलना में बहुत कम विश्वसनीय है, जो आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि जब आप इसके बारे में सोचते हैं, तो बहुत सारी चीजें नहीं हैं जो 75 साल पुरानी हैं और अभी भी उतनी ही अच्छी हैं जितनी वे थीं। अमेरिका को भी करारा जवाब वहीं जर्मनी में चल रहे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका को करार जवाब देते हुए कहा कि अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा कश्मीर के हालात पर चिंता जताने पर जयशंकर ने कहा कि चिंता मत कीजिए। एक लोकतंत्र (भारत) इसे सुरक्षा लेगा और आप जानते हैं कि वह देश कौनसा है। दरअसल, इससे पहले ग्राहम ने काह था कि कश्मीर से लौटने के बाद यह समझ नहीं पाया कि वहां जो लॉकडाउन जारी है वह कब खत्म होगा। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा से पहले अमेरिका के चार सीनेटरों ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और कश्मीर में मानवाधिकार की स्थितियों पर रिपोर्ट की मांग की थी।