हिन्दू विरोधी लेख लिखने वाले लेखक को मिली उँगलियाँ काट देने की धमकी

बेंगलुरु। देशभर में लेखकों और साहित्यकारों के खिलाफ हो रहे अपराधी घटनाओं ने भले ही एक देशव्यापी आंदोलन का रूप ले लिया हो लेकिन फिर भी ऐसी घटनाएँ रुकने का नाम ही नहीं ले रही हैं। इसी क्रम में कर्नाटक में एक और ऐसी ही घटना देखने को मिली है जहां एक हिन्दू विरोधी लेख लिखने वाले एक दलित लेखक पर कुछ लोगों द्वारा हमला करने की सूचना प्राप्त हुई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस हमले में दक्षिण पंथी लोगों की भूमिका हो सकती है। यह मामला कर्नाटक के दवाणगेरे जिले की है।

मिली जानकारी के अनुसार, 23 साल के लेखक हुचंगी प्रसाद नाम के एक दलित लेखक ने जाति व्यवस्था के खिलाफ ओडाला किच्चु नाम की किताब लिखी है जिसमें उन्होने हिन्दू विरोधी लेख लिखे हैं। हुचंगी प्रसाद ने आरोप लगाया कि उन पर बीते बुधवार को कुछ अज्ञात लोगों ने हमला किया था। हमलावरों ने उन्हें धमकी दी थी कि हिंदुत्व के खिलाफ लिखने पर उनकी अंगुलियां काट दी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि 21 अक्टूबर की देर रात लोगों का एक समूह मेरे छात्रावास में घुस आया। उन्होंने मुझसे कहा कि मेरी मां बीमार है। इस पर मैं चिंतित हो गया और उनके साथ चल पड़ा। वे मुझे एक जगह लेकर गए और हिंदुत्व एवं जाति व्यवस्था के खिलाफ लिखने पर धमकी देने लगे।

पत्रकारिता के छात्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उनके चेहरे पर कुमकुम मल दिया। उनके लेखन के लिए अंगुलियां काट डालने की धमकी दी। उनके हमले में उन्हें मामूली चोटें आई हैं। हमलावरों ने उनसे कहा कि पिछले जन्म में किए गए पापों के कारण वह दलित पैदा हुए हैं।

इस युवा पत्रकारी की शिकायत पर आरएमसी यार्ड थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्जकर  पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में लगी है। लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की कोई सूचना मिली नहीं है।

आपको बता दें कि इस समय लेखकों और साहित्यकारों पर हो रहे हमला एक बड़ा मुद्दा बन गया है। इसी मुद्दे की वजह से अभी तक 31 लेखकों ने केंद्र सरकार को साहित्य अकादमी अवार्ड तक वापस कर दिया है और देशभर में लेखकों की सुरक्षा की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया है।