लोकसभा चुनाव से पहले BJP की एक और सहयोगी नाराज, NDA छोड़ने की धमकी दी

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लोकसभा चुनाव से पहले BJP का एक और सहयोगी नाराज, NDA छोड़ने की धमकी दी

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी (BJP) के एक और सहयोगी दल ने एनडीए कुनबे से बगावत की चेतावनी दे दी है। अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने मंगलवार को एक खास पत्रकार वार्ता में राज्य भाजपा नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया और कहा कि हम कैसे सहयोगी, जिसका सम्मान नहीं। दरअसल मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल को आमंत्रित न किये जाने पर अपना दल नेतृत्व खासा आहत है।

Apna Dal Nda Seat Sharing Maharashtra Shiv Sena Bjp Narendra Modi Amit Shah 2019 Election :

इस सवाल के जवाब में कि क्या बीजेपी की हार के बाद 2019 में एनडीए कमजोर हो जाएगा, पटेल ने कहा ऐसा नहीं है। हम 2014 में भी बीजेपी के साथ थे जब उनके दुर्दिन चल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का भावी गठबंधन एक चुनौती है और उसका सामना करने के लिए एनडीए को अपना दल जैसे घटक दलों के साथ बैठकर विचार-विमर्श करना चाहिए।

मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए आशीष पटेल ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे हिंदी भाषी राज्यों में बीजेपी की हार को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि राज्यों में हुई हार के मुद्दे पर नेतृत्व को चिंतन करने की आवश्यकता है। आशीष ने यह भी कहा कि एनडीए में शामिल दलों के नेता और कार्यकर्ता निराश और हताश हो गए है और सहयोगी दल के जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है।

ऐसे में अगर पार्टी के प्रदेश नेतृत्व का यही रवैया रहा तो एनडीए को यूपी में सर्वाधिक क्षति हो सकती है। बीजेपी को नसीहत देते हुए पटेल ने कहा, ‘एसपी-बीएसपी का गठबंधन हमारे लिए चुनौती है और यूपी में एनडीए के सहयोगी इससे चिंतित हैं। बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व को कुछ करना होगा अन्यथा यूपी में एनडीए को नुकसान उठाना होगा।’

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी (BJP) के एक और सहयोगी दल ने एनडीए कुनबे से बगावत की चेतावनी दे दी है। अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने मंगलवार को एक खास पत्रकार वार्ता में राज्य भाजपा नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया और कहा कि हम कैसे सहयोगी, जिसका सम्मान नहीं। दरअसल मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर में मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल को आमंत्रित न किये जाने पर अपना दल नेतृत्व खासा आहत है। इस सवाल के जवाब में कि क्या बीजेपी की हार के बाद 2019 में एनडीए कमजोर हो जाएगा, पटेल ने कहा ऐसा नहीं है। हम 2014 में भी बीजेपी के साथ थे जब उनके दुर्दिन चल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का भावी गठबंधन एक चुनौती है और उसका सामना करने के लिए एनडीए को अपना दल जैसे घटक दलों के साथ बैठकर विचार-विमर्श करना चाहिए। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए आशीष पटेल ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे हिंदी भाषी राज्यों में बीजेपी की हार को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि राज्यों में हुई हार के मुद्दे पर नेतृत्व को चिंतन करने की आवश्यकता है। आशीष ने यह भी कहा कि एनडीए में शामिल दलों के नेता और कार्यकर्ता निराश और हताश हो गए है और सहयोगी दल के जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। ऐसे में अगर पार्टी के प्रदेश नेतृत्व का यही रवैया रहा तो एनडीए को यूपी में सर्वाधिक क्षति हो सकती है। बीजेपी को नसीहत देते हुए पटेल ने कहा, 'एसपी-बीएसपी का गठबंधन हमारे लिए चुनौती है और यूपी में एनडीए के सहयोगी इससे चिंतित हैं। बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व को कुछ करना होगा अन्यथा यूपी में एनडीए को नुकसान उठाना होगा।'