सुप्रीम कोर्ट ने लगाईं आजम को लताड़, 8 मार्च को लखनऊ कोर्ट में पेश होने का दिया आदेश

नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने और जमानती वारंट जारी होने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री आजम खान को लताड़ लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में पेश होने का आदेश दिया हैं| कोर्ट ने कहा कि आजम बुधवार को 2 बजे इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के समक्ष पेश होकर अपनी सफाई दें|




सुप्रीम कोर्ट ने ने आजम को जल निगम के एक मामले में जमानत वारंट का वास्ता देते हुए आठ मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष पेश होने का आदेश दिया| प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.एस.केहर, न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति एस.के.कौल ने आजम के उस अनुरोध को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 11 मार्च को खत्म हो रहे विधानसभा चुनाव के बाद वह हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए कोर्ट में पेश होंगे|

आजम को एक मार्च और छह मार्च को आजम से व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के हाईकोर्ट के आदेश का उल्लेख करते हुए शीर्ष अदालत की पीठ ने कहा, “हाईकोर्ट को लगता है कि आप (आजम खान) उनकी आंखों में धूल झोंक रहे हैं| अदालत आपको पेशी के लिए कह रहा है लेकिन आप ऐसा नहीं कर रहे हैं| जमानती वारंट जारी होने के बाद भी आप पेश नहीं हुए| आप जाइए और जो भी कहना है हाईकोर्ट से कहिए|”




आजम के वकील ने कोर्ट से कहा कि मंत्री उत्तर प्रदेश जल निगम के पदेन अध्यक्ष हैं और इसलिए उनका मामले से कोई लेना-देना नहीं है| हाईकोर्ट ने जल निगम द्वारा साल 2013 में दाखिल सेवा याचिका पर आजम के खिलाफ वारंट जारी करने का आदेश दिया था| उत्तर प्रदेश लोक सेवा न्यायाधिकरण द्वारा सहायक अभियंता डी.के.सिंह के पक्ष में फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की गई थी| सिंह के खिलाफ जल निगम ने वित्तीय अनियमितताओं को लेकर वसूली की कार्रवाई शुरू की थी| कोर्ट ने आजम तथा अन्य अधिकारियों को मामले में पेश होने के लिए कहा है| वहीं, जल निगम के प्रबंध निदेशक तथा मुख्य अभियंता न्यायालय में पेश हो चुके हैं, जबकि विभाग के अध्यक्ष आजम खान पेश नहीं हुए|